राम मंदिर ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया CEO नियुक्त किया
राम मंदिर ट्रस्ट में नया CEO
राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। ट्रस्ट ने भारतीय वायुसेना के रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नए CEO के रूप में नियुक्त किया है। मिश्रा का सैन्य अनुभव अत्यधिक समृद्ध है, जिसमें उन्होंने वायुसेना की वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व किया और ऑपरेशन सिंदूर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। अब, उनकी नई जिम्मेदारी अयोध्या से संबंधित है।
वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने वायुसेना से रिटायर होने के बाद वेस्टर्न एयर कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्य किया। इससे पहले, वह इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में ऑपरेशन्स के डिप्टी चीफ रहे और डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइज़ेशन और ट्रेनिंग से जुड़े विभाग में भी डिप्टी चीफ की भूमिका निभाई।
प्रमुख सैन्य अकादमियों से प्रशिक्षण
मिश्रा ने नेशनल डिफेंस एकेडमी, खड़कवासला और एयर फोर्स एकेडमी, डुंडीगल से अपनी शिक्षा प्राप्त की। इसके अलावा, उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल और एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मोंटगोमरी, अलबामा में भी प्रशिक्षण लिया। वह रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के पूर्व छात्र भी हैं, जो उनके सैन्य करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
38 वर्षों का उत्कृष्ट सैन्य करियर
जितेंद्र मिश्रा को 6 दिसंबर 1986 को एयर फोर्स एकेडमी से भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन मिला। 38 वर्षों के लंबे करियर में, उन्होंने 3000 घंटे से अधिक उड़ान भरी और 18 से अधिक प्रकार के फाइटर, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर उड़ाए। उनका अनुभव उन्हें वायुसेना के अनुभवी अधिकारियों में शामिल करता है।
कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण योगदान
स्क्वाड्रन लीडर के रूप में, मिश्रा उस टीम का हिस्सा थे जिसने कारगिल युद्ध के प्रारंभ में मिराज 2000 विमानों पर लेजर-गाइडेड बमों को ऑपरेशनल किया। बाद में, ऑपरेशन सफेद सागर के दौरान इन बमों का उपयोग टाइगर हिल और मुंथो ढालो पर किए गए चर्चित हमलों में किया गया था। अब, राम मंदिर ट्रस्ट में उनकी नई जिम्मेदारी पर सभी की नजरें रहेंगी।