राम मंदिर दान में करोड़ों का गबन: मुख्य संदिग्धों की पहचान
अयोध्या में दान राशि में गबन का मामला
अयोध्या। राम मंदिर की दान राशि में करोड़ों रुपये के गबन के मामले में अब पांच प्रमुख संदिग्धों की पहचान हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती से जुड़े हुए थे और इनके खिलाफ ठोस सबूत भी मिले हैं। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि इस गबन के पीछे किसका हाथ है या क्या कोई बड़ा व्यक्ति इसमें शामिल है।
सूत्रों के अनुसार, लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रमाशंकर नामक व्यक्तियों को पकड़ा गया है। इनकी मदद से अब तक 2.98 करोड़ रुपये की रिकवरी भी की गई है। लेकिन यह सवाल उठता है कि इतनी संवेदनशील जगह से रकम कैसे चुराई गई और ये लोग पकड़े जाने से पहले करोड़ों रुपये का गबन कैसे कर पाए।
ट्रस्ट की चुप्पी और जांच की स्थिति
इस मामले में ट्रस्ट के किसी भी बड़े अधिकारी ने अब तक कोई बयान नहीं दिया है, जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म है। ट्रस्ट से जुड़े दो व्यक्तियों पर भी सवाल उठ रहे हैं, लेकिन उनकी भूमिका का पता तब चलेगा जब कोई एजेंसी या विशेष जांच दल (SIT) मामले की गहन जांच करेगा।
टिन्नू का संदर्भ
एक ट्रस्ट अधिकारी का टिन्नू से करीबी संबंध है, जो दशकों से उनके साथ है। रमाशंकर, जो संदिग्धों में शामिल है, टिन्नू का रिश्तेदार भी है। सूत्रों के अनुसार, टिन्नू का हस्तक्षेप हर मामले में रहता था, जिससे उस पर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस की स्थिति
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उन्हें इस मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, इसलिए पूछताछ की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पुलिस की एक टीम रिकवरी की प्रक्रिया में लगी हुई है।
गबन की राशि और रिकवरी
राम मंदिर की दान राशि में गबन के मामले में अब तक 2.98 करोड़ रुपये की रिकवरी हो चुकी है। यह राशि संदिग्धों की निशानदेही पर बरामद की गई है। जांच में 8 करोड़ रुपये से अधिक के गबन के संकेत मिले हैं।
संदिग्धों के घरों और बैंक खातों की जांच की जा रही है। अवनीश के खाते से 5 लाख रुपये मिले हैं, जो उसने दान राशि से गायब किए थे। पुलिस ने हाल ही में लवकुश के घर पर छापा मारा, जहां 10-12 लाख रुपये बरामद किए गए।
राज्य सरकार की कार्रवाई
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह दल प्रारंभिक रिपोर्ट सात दिन में और अंतिम रिपोर्ट 15 दिन में प्रस्तुत करेगा।