×

राममूर्ति त्यागराजन: करोड़ों का कारोबार और साधारण जीवनशैली

राममूर्ति त्यागराजन, श्रीराम ग्रुप के संस्थापक, ने करोड़ों का कारोबार खड़ा किया है, लेकिन वे मोबाइल फोन से दूर रहते हैं। उनकी साधारण जीवनशैली और वित्तीय सेवाओं के प्रति संवेदनशीलता उन्हें एक अनोखा उद्यमी बनाती है। जानें उनके जीवन और करियर के बारे में और कैसे उन्होंने कम आय वाले लोगों के लिए वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराई।
 

साधारण जीवन में मोबाइल फोन की अनुपस्थिति


आजकल, मोबाइल फोन हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लोग स्मार्टफोन पर निर्भर हैं, चाहे वह कारोबार हो, बैंकिंग या ऑनलाइन लेन-देन। लेकिन भारत में एक ऐसा उद्यमी है, जिसने करोड़ों का कारोबार खड़ा किया है, फिर भी उसके पास मोबाइल फोन नहीं है।


यह उद्यमी राममूर्ति त्यागराजन हैं, जो श्रीराम ग्रुप के संस्थापक के रूप में जाने जाते हैं। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, त्यागराजन ने मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखी है, जो उनकी सादगी और ध्यान केंद्रित करने की सोच को दर्शाता है।


मोबाइल को ध्यान भटकाने वाला मानते हैं

राममूर्ति त्यागराजन की जीवनशैली बेहद साधारण मानी जाती है। रिपोर्टों के अनुसार, वह मोबाइल फोन को अपने लिए ध्यान भटकाने वाला उपकरण मानते हैं, इसलिए उन्होंने इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल नहीं किया।


उनकी सादगी केवल मोबाइल फोन तक सीमित नहीं है। उनके साधारण घर में रहने और लगभग 6 लाख रुपये की कार का उपयोग करने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उनकी संपत्ति और कारोबारी सफलता के मुकाबले यह जीवनशैली काफी भिन्न नजर आती है।


गणित से शुरू हुआ करियर

राममूर्ति त्यागराजन का जन्म तमिलनाडु के एक किसान परिवार में हुआ। उन्होंने चेन्नई में गणित की पढ़ाई की और इसके बाद इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट, कोलकाता से आगे की शिक्षा प्राप्त की।


उन्होंने 1961 में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद, उन्होंने बैंकिंग और री-इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में भी कार्य किया। इस दौरान, उन्होंने देखा कि छोटे व्यवसायियों और कम आय वाले लोगों, विशेषकर ट्रक ड्राइवरों के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करना कठिन था।


श्रीराम ग्रुप की स्थापना

कम आय वाले लोगों की वित्तीय आवश्यकताओं को समझते हुए, त्यागराजन ने अपने सहयोगियों और परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर श्रीराम चिट्स की स्थापना की। इसके बाद, समूह ने वाहन वित्त, बीमा, स्टॉकब्रोकिंग और अन्य वित्तीय क्षेत्रों में अपने कारोबार का विस्तार किया।


एक रिपोर्ट के अनुसार, 2006 में, त्यागराजन ने श्रीराम कंपनियों में अपनी पूरी हिस्सेदारी कर्मचारियों के लिए बनाए गए Shriram Ownership Trust को सौंप दी थी। यह कदम कारोबार के क्षेत्र में उनकी अनोखी पहल मानी गई।


साधारण जीवनशैली का उदाहरण

राममूर्ति त्यागराजन की कहानी इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने बड़े वित्तीय कारोबार का निर्माण करने के बावजूद अपने निजी जीवन में सादगी को प्राथमिकता दी। मोबाइल फोन न रखने का निर्णय भी उनकी इसी जीवनशैली का हिस्सा है।


उनका सफर यह दर्शाता है कि एक बड़े कारोबारी की पहचान हमेशा महंगी गाड़ियों, लग्जरी जीवनशैली और आधुनिक गैजेट्स से नहीं होती। त्यागराजन ने कम आय वाले लोगों के लिए वित्तीय सेवाओं की आवश्यकता को समझकर अपना कारोबारी मॉडल तैयार किया और इसी सोच के आधार पर श्रीराम समूह को आगे बढ़ाया।