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रायगढ़ में महिला वकील की हत्या: वकीलों का आक्रोश और गिरफ्तारी की मांग

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक महिला वकील की हत्या ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। आरोपियों ने महिला के शव को जंगल में अधनग्न अवस्था में छोड़ दिया और पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को कुचल दिया। वकीलों ने इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। मृतका की पहचान आराधना सिदार के रूप में हुई है, जो जिला अदालत में जूनियर वकील थीं। परिवार ने पुलिस जांच की धीमी गति पर सवाल उठाए हैं।
 

दिल दहला देने वाली घटना


रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक भयावह घटना सामने आई है। यहां एक महिला वकील की हत्या कर उसके शव को जंगल में अधनग्न अवस्था में फेंक दिया गया। आरोपियों ने महिला की पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को पत्थर से कुचल दिया। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है।


वकीलों का विरोध प्रदर्शन

इस घटना के खिलाफ वकीलों ने रायगढ़ में पैदल मार्च निकाला और आरोपियों को शीघ्र सजा देने की मांग की। वकील संघ ने यह भी निर्णय लिया है कि वे इस मामले से जुड़े किसी भी आरोपी की पैरवी नहीं करेंगे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


महिला का शव जंगल में मिला

रायगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी के अनुसार, 12 मई को पूंजीपथरा थाना क्षेत्र के तुमीडीह गांव के जंगल में एक महिला का शव झाड़ियों के बीच पाया गया।


पुलिस जांच में महिला के गले और गर्दन पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं, जिससे हत्या की आशंका जताई जा रही है।


पहचान छिपाने के लिए चेहरे को कुचला गया

अधिकारियों के अनुसार, शव के पास महिला के कपड़े भी मिले हैं। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिलता है कि हत्या किसी धारदार हथियार से की गई है।


पुलिस ने बताया कि शव की पहचान न हो सके, इसके लिए चेहरे को पत्थरों से बुरी तरह कुचला गया था।


आराधना सिदार की पहचान

बृहस्पतिवार को पुलिस ने मृतका की पहचान आराधना सिदार के रूप में की। वह रायगढ़ जिला अदालत में जूनियर वकील के रूप में कार्यरत थीं।


पुलिस के अनुसार, आराधना आदिवासी समुदाय से संबंधित थीं और रायगढ़ में किराए के मकान में रह रही थीं।


गिरफ्तारी की मांग

घटना के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ ने शोकसभा आयोजित की। इसके बाद सैकड़ों वकीलों ने जिला अदालत से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।


संघ के अध्यक्ष लालमणि त्रिपाठी ने कहा कि एसोसिएशन का कोई भी वकील आरोपियों की पैरवी नहीं करेगा।


परिवार ने जांच पर उठाए सवाल

मृतका के परिवार का आरोप है कि पुलिस जांच धीमी चल रही है। उनका कहना है कि घटना के चार दिन बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।


पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 101(3) और 238 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है।