राष्ट्रपति के पूर्व ADC मेजर ऋषभ सिंह ने समय से पहले लिया रिटायरमेंट
रिटायरमेंट का निर्णय
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पूर्व एड-डी-कैंप मेजर ऋषभ सिंह संब्याल ने हाल ही में 12 वर्षों की सेवा के बाद समय से पहले रिटायरमेंट लेने का निर्णय लिया। सोशल मीडिया पर उन्हें 'नेशनल क्रश' के नाम से जाना जाता है। जब उनके रिटायरमेंट की खबर आई, तो लोगों में कई तरह के सवाल उठने लगे कि उन्होंने इतनी जल्दी रिटायरमेंट क्यों लिया।
पॉडकास्ट में खुलासा
राज शमानी के एक पॉडकास्ट में, मेजर ऋषभ ने अपने रिटायरमेंट के कारणों और राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़े कई रोचक पहलुओं पर चर्चा की।
ADC की भूमिका
पॉडकास्ट में राज शमानी ने पूछा कि ADC का क्या अर्थ है। इस पर ऋषभ ने बताया कि यह 'एड-डी-कैंप' का संक्षिप्त रूप है, जो फ्रेंच भाषा से आया है। उन्होंने कहा कि उच्च पदों पर बैठे लोग हर कार्य स्वयं नहीं कर सकते, इसलिए वे अपने विश्वसनीय व्यक्तियों को जिम्मेदारी सौंपते हैं। राष्ट्रपति के लिए यह भूमिका निभाते हुए, उनका मुख्य कार्य आदेशों को लागू करना था।
ऋषभ का रिटायरमेंट निर्णय
जब राज शमानी ने पूछा कि उन्होंने रिटायरमेंट क्यों लिया, तो ऋषभ ने बताया कि परिवार की जिम्मेदारियों के बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सोचा था। उन्होंने कहा कि उनका सपना हमेशा से वर्दी पहनने का था और अब उन्होंने संगठन छोड़ने का निर्णय लिया।
सुरक्षा के नियम
ऋषभ ने बताया कि राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री जैसे उच्च पदों पर बैठे व्यक्तियों को छूना या उनसे हाथ मिलाना क्यों मना होता है। उन्होंने कहा कि किसी की नीयत का पता नहीं होता, और इससे राष्ट्रपति की छवि पर भी असर पड़ सकता है।
राष्ट्रपति की सुरक्षा में महत्वपूर्ण बातें
जब उनसे पूछा गया कि सुरक्षा के दौरान सबसे छोटी लेकिन महत्वपूर्ण चीज क्या होती है, तो उन्होंने बताया कि वह गिलास है, जिससे राष्ट्रपति पानी पीते हैं। इसका कारण यह है कि कोई नहीं जानता कि उस गिलास को किसने छुआ है।
राष्ट्रपति के करीबी की जिम्मेदारियां
ऋषभ ने बताया कि राष्ट्रपति से जुड़ी सभी आवश्यकताएं उनकी टीम द्वारा संभाली जाती हैं। उदाहरण के लिए, यदि राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री से बात करनी हो, तो उनकी टीम पहले से संपर्क करती है।
40 दिन की कठिन ट्रेनिंग
ऋषभ ने अपनी ट्रेनिंग के बारे में बताया कि प्रोबेशन के दौरान उन्हें 70-80 किलो वजन उठाकर चलना होता है और 30-40 दिनों तक सीमित मात्रा में पानी, खाना और नींद मिलती है। इस दौरान उनकी सतर्कता को परखा जाता है।
खतरनाक हथियार
ऋषभ ने कहा कि उनके हाथ सबसे खतरनाक हथियार होते हैं, क्योंकि उन्हें विशेष ट्रेनिंग दी गई है। उन्होंने बताया कि शरीर के कुछ बिंदु ऐसे होते हैं, जहां केवल एक चुटकी काटने से सामने वाला व्यक्ति गिर सकता है।