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राष्ट्रपति मुर्मू का स्वतंत्रता दिवस पर संबोधन: भारत का विकास लक्ष्य

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए भारत के विकास लक्ष्य और युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। राष्ट्रपति ने आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करने के निर्णय को किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया। जानें उनके संबोधन की अन्य मुख्य बातें।
 

राष्ट्रपति का संबोधन


नई दिल्ली में, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में अग्रसर है। राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार संधियों पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों के साथ सिंधु जल संधि को निलंबित करना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।


न्याय और विकास की दिशा में कदम

राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने संबोधन में कहा, 'न्यायिक प्रणाली से जुड़े सभी व्यक्तियों का यह कर्तव्य है कि वे सुनिश्चित करें कि किसी को भी संसाधनों की कमी के कारण न्याय से वंचित न होना पड़े।' उन्होंने आगे कहा, 'हम 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं। नागरिकों को हमेशा जागरूक रहना चाहिए।'


उन्होंने छात्रों और युवाओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा, 'हमारे विद्यार्थी भविष्य के निर्माता हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सरकार और समाज का एकजुट रहना आवश्यक है, उसी प्रकार विद्यार्थियों के वर्तमान और भविष्य की सुरक्षा के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।' उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में दिल्ली और अन्य स्थानों पर छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं।


सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख

राष्ट्रपति ने सरकार की उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा, 'पिछले एक दशक में, हमारे देश ने तेजी से समावेशी विकास किया है और विरासत और विकास के संतुलन को प्राथमिकता दी है।' उन्होंने कहा, 'आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने और आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए, हमने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार संधियों पर हस्ताक्षर किए हैं। हम ग्लोबल साउथ के देशों में एक प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं और हमारे देश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान बढ़ा है।'