राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का स्थान बदलने पर विवाद: ठाकरे परिवार की प्रतिक्रिया
राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे की आलोचना
मुंबई। महाराष्ट्र के प्रमुख नेताओं राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को दिल्ली से गुजरात स्थानांतरित करने के निर्णय की कड़ी आलोचना की है। शिवसेना के सांसद संजय राउत ने इस समारोह का बहिष्कार करने की अपील की है। राज ठाकरे ने इस बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का महत्व कम करने की कोशिश की जा रही है, और अब क्या दिल्ली की अहमियत भी खत्म की जा रही है?
गुजरात का चयन क्यों?
राज ठाकरे ने यह भी पूछा कि राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन गुजरात में ही क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि स्थान बदलना ही था, तो मुंबई क्यों नहीं? दादासाहेब फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव महाराष्ट्र में रखी थी, इसलिए पुरस्कार समारोह वहां होना चाहिए था। दक्षिण भारत के कई राज्य जैसे तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी बड़े पैमाने पर फिल्में बनती हैं।
संजय राउत की अपील
संजय राउत ने भी समारोह को गुजरात में आयोजित करने की निंदा की। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार है, इसलिए इसे राजधानी में ही आयोजित किया जाना चाहिए था। उन्होंने अन्य कलाकारों से इस कार्यक्रम का बहिष्कार करने की अपील की है।
समारोह का स्थान और तारीख
पिछले वर्षों की तरह, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह आमतौर पर नई दिल्ली में आयोजित होता रहा है। पिछले साल, 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन 23 सितंबर 2025 को दिल्ली के विज्ञान भवन में हुआ था। इस बार, समारोह का आयोजन गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में किया जाएगा, जो कि पहली बार दिल्ली के बाहर हो रहा है।
राष्ट्रपति का संभावित दौरा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 22 सितंबर को गुजरात दौरा प्रस्तावित है। वह महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी और इसके बाद एकता नगर में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्रदान कर सकती हैं।
एकता नगर का महत्व
एकता नगर, जो गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित है, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन यहां करने से इसे एक प्रमुख पर्यटन स्थल के साथ जोड़ने का संदेश मिलता है। हाल ही में, आनंद एल राय की डॉक्यूमेंट्री 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी-एकता का प्रतीक' को भी सम्मानित किया गया है।