राहुल गांधी का धरना: शिक्षा मंत्री का तीखा जवाब
दिल्ली में प्रदर्शन के बीच राहुल गांधी की सक्रियता
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच, मंगलवार शाम को राहुल गांधी अचानक चर्चा का विषय बन गए। प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठे राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं को हटाने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों को काफी मेहनत करनी पड़ी। इसके बाद, राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर अपनी कार्रवाई का कारण बताया। इस पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी छात्रों का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार छात्रों के प्रति जिम्मेदार है और सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
केंद्रीय मंत्री का राहुल गांधी पर आरोप
मंगलवार शाम को, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी को मनाने के लिए उनसे मुलाकात की। कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच, जितेंद्र सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने पहले संसद में चर्चा की मांग की थी, लेकिन बाद में अपने शब्दों से पलट गए और प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग करने लगे। इस पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ट्वीट कर राहुल गांधी पर निशाना साधा।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने ट्वीट में लिखा, 'राहुल गांधी और कांग्रेस बेशर्मी से छात्रों को अपने राजनीतिक टूल के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि संसद के मॉनसून सत्र में बाधा डाल सकें। उनके धरने से जनता को असुविधा हुई और सुरक्षा प्रोटोकॉल भी प्रभावित हुआ।'
उन्होंने आगे कहा, 'सरकार चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन कांग्रेस ने लोकतांत्रिक बहस के बजाय राजनीतिक तमाशा किया। उनका उद्देश्य छात्रों के लिए समाधान खोजना नहीं है। राहुल गांधी का असली मुद्दा छात्रों का नहीं है। जब भी बातचीत का कोई रास्ता निकलता है, वह हर बार हंगामा खड़ा करना चाहते हैं। हमारी सरकार NEET के मुद्दे पर चर्चा करने और युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के लिए पूरी तरह से समर्पित है।'
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी को पीएम आवास के पास धरने के दौरान हिरासत में लिया गया और उन्हें छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। वहां से, उन्होंने एक वीडियो जारी किया जिसमें उन्होंने बताया कि वह पीएम आवास के पास क्यों गए थे। उन्होंने कहा, 'आज सुबह मैंने स्पीकर से मुलाकात की और चर्चा की मांग की, लेकिन ऐसा लग रहा था कि सरकार की कोई मंशा नहीं है।'
उन्होंने आगे कहा, 'हमने निर्णय लिया कि हम प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरना देंगे ताकि छात्रों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर लाया जा सके। आखिरकार, पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? शिक्षा प्रणाली इतनी महंगी क्यों है? सवाल पूछने में कोई गलती नहीं है। हमारी मांग है कि अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। जिन लोगों ने छात्रों पर हमला किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई हो और जिन छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज हैं, उन्हें वापस लिया जाए। मेरी पीएम मोदी से सलाह है कि छात्रों के खिलाफ जो आपकी सरकार और गृह मंत्री ने किया है, उसके लिए देश से माफी मांगें।'
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन अभी भी जारी है, जहां बड़ी संख्या में छात्र एकत्रित हैं। वहीं, हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया है। सरकार ने बताया है कि जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की है और बातचीत जारी है। विपक्षी पार्टियों की मांग है कि संसद के तीसरे दिन इस मुद्दे पर चर्चा की जाए।