राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला: अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर उठाए सवाल
किसान महा-चौपाल में राहुल गांधी का भाषण
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 'किसान महा-चौपाल' में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते, चीन के साथ सीमा विवाद और अडानी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कठघरे में खड़ा किया। राहुल ने आरोप लगाया कि मोदी ने बिना अपनी कैबिनेट को विश्वास में लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात कर व्यापार समझौता कर लिया, जिससे किसानों के हितों को खतरा हुआ। उन्होंने चुनौती दी कि अब जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के टैरिफ पर रोक लगा दी है, तो अगर मोदी में हिम्मत है, तो वह इस समझौते को रद्द करें।
चीन सीमा विवाद और संसद में रोकी गई आवाज
राहुल गांधी ने अपने भाषण में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब का उल्लेख करते हुए चीन सीमा विवाद पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद हमेशा नेता प्रतिपक्ष को बोलने का मौका मिलता है, लेकिन इस बार उन्हें लोकसभा में बोलने से रोका गया। राहुल ने बताया कि जब उन्होंने जनरल नरवणे की किताब का जिक्र किया, जिसमें बताया गया है कि चीनी टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब तत्कालीन सेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य अधिकारियों को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इससे यह स्पष्ट होता है कि उस कठिन समय में प्रधानमंत्री ने सेना को अकेला छोड़ दिया।
ट्रेड डील में जल्दबाजी का आरोप
कृषि क्षेत्र से जुड़े समझौतों का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता पिछले चार महीनों से अटका हुआ था, क्योंकि सरकार नहीं चाहती थी कि अमेरिकी कंपनियां भारत में सोया, कपास और मक्का बेचें। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने लोकसभा में सरकार को घेरने की कोशिश की, तो प्रधानमंत्री घबराकर वहां से चले गए और कांग्रेस की महिला सांसदों पर हमले का झूठा बहाना बनाया। राहुल का दावा है कि उसी शाम मोदी ने बिना अपनी कैबिनेट से चर्चा किए ट्रंप को फोन किया और डील पर हस्ताक्षर कर दिए, जिससे किसानों का भविष्य संकट में पड़ गया।
अडानी और विदेशी फाइलों का जिक्र
राहुल गांधी ने व्यापार समझौते में जल्दबाजी के पीछे दो बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास जेफ्री एपस्टीन मामले से संबंधित 30 लाख फाइलें हैं और मोदी सरकार पर दबाव बनाने के लिए अमेरिका ने जानबूझकर हरदीप पुरी का नाम उछाला है। इसका संदेश यह था कि यदि सरकार उनकी बात नहीं मानेगी, तो फाइलों से और सबूत सार्वजनिक किए जा सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि गौतम अडानी पर अमेरिका में आपराधिक मामला चल रहा है और वह वहां नहीं जा सकते। राहुल ने आरोप लगाया कि अडानी ही भाजपा और प्रधानमंत्री का असली 'फाइनेंशियल स्ट्रक्चर' हैं, इसलिए अमेरिका का यह दबाव सीधे तौर पर सरकार पर काम कर रहा है।