राहुल गांधी ने अंडमान-निकोबार में भूमि और वन अधिकारों की रक्षा की अपील की
अंडमान-निकोबार में भूमि अधिकारों का संकट
विजयपुरम: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के निवासियों की भूमि को बिना उनकी सहमति के बड़े व्यवसायियों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां वन अधिकार अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है और स्थानीय लोगों को उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है।
इकोलॉजिकल चोरी का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि अंडमान-निकोबार में लाखों रुपए के पेड़ चोरी हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे देश को इस स्थिति के बारे में जागरूक करेंगे और स्थानीय लोगों की रक्षा के लिए प्रयास करेंगे।
पानी की समस्या और भ्रष्टाचार
उन्होंने बताया कि अंडमान में पानी की कमी है और LG द्वारा भ्रष्टाचार की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ को सुना जाना चाहिए।
प्राकृतिक विरासत का संरक्षण
राहुल गांधी ने ग्रेट निकोबार के जंगलों की सुंदरता का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पेड़ कई पीढ़ियों से उग रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग, चाहे वे आदिवासी हों या प्रवासी, अपनी भूमि और संसाधनों से वंचित हो रहे हैं।
विकास या विनाश?
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार जो कर रही है, उसे विकास नहीं कहा जा सकता। यह तो प्राकृतिक संसाधनों का विनाश है। उन्होंने कहा कि यह देश की प्राकृतिक और आदिवासी विरासत के खिलाफ एक बड़ा अपराध है।
आदिवासी परिवारों की दुर्दशा
राहुल गांधी ने उन आदिवासी परिवारों से मुलाकात की जो सुनामी के बाद विस्थापित हो गए थे। उन्होंने कहा कि अब एक 'प्रोजेक्ट' के नाम पर उनके घरों को फिर से छीनने की योजना बनाई जा रही है।
भाजपा की नीति पर सवाल
यूपी कांग्रेस ने कहा कि भाजपा की असली नीति निकोबार के जंगलों की बलि और अडानी की जेब भरना है। राहुल गांधी ने मोदी सरकार के 'अडानी प्रेम' का पर्दाफाश किया है।