राहुल गांधी ने अडानी मामले पर मोदी को घेरा, कहा भारत चुका रहा है भारी कीमत
राहुल गांधी का मोदी पर हमला
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिका में चल रहे मामले को खारिज किए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता उससे कहीं अधिक है जितना कि सामने दिख रहा है, और भारत को इसके लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि इस मामले में जो कुछ भी नजर आ रहा है, वह उससे कहीं ज्यादा जटिल है। उन्होंने कहा कि एक कमजोर प्रधानमंत्री भारत के हितों को बेचने के लिए मजबूर हो गए हैं।
There is much more to this than meets the eye.
A compromised PM was forced to sell India’s interest. India is paying a huge price. pic.twitter.com/rWt37dYxwx
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 12, 2026
मामले का संक्षिप्त विवरण
ज्ञात हो कि न्यूयॉर्क की संघीय अदालत ने गौतम अडानी के भतीजे सागर अडानी और अडानी समूह के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी वीनित जैन के खिलाफ प्रतिभूति धोखाधड़ी और वायर फ्रॉड से जुड़े तीन आपराधिक आरोपों को खारिज कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप इन तीनों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई है।
अमेरिकी अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि अडानी समूह से जुड़े व्यक्तियों ने भारत में एक बड़े सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट के ठेके प्राप्त करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को लगभग 2,029 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की योजना बनाई थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना था कि इस मामले से संबंधित जानकारी निवेशकों और वित्तीय संस्थानों के सामने गलत तरीके से प्रस्तुत की गई थी।
हालांकि, अमेरिकी अदालत ने अब अडानी, सागर अडानी और वीनित जैन के खिलाफ धोखाधड़ी से जुड़े आरोपों को खारिज करने की अमेरिकी न्याय विभाग की मांग को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने यह माना कि अडानी ग्रीन एनर्जी की रिश्वत-विरोधी नीतियों और कॉरपोरेट गवर्नेंस से संबंधित कुछ कथित बयानों को इतना सामान्य माना जा सकता है कि उनके आधार पर धोखाधड़ी का आपराधिक मामला चलाना कठिन है।
अदालत का असामान्य निर्णय
हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि न्याय विभाग द्वारा आरोप वापस लेने की प्रक्रिया 'असामान्य' थी। अदालत ने न्याय विभाग द्वारा दिए गए कुछ अन्य तर्कों को भी स्वीकार नहीं किया। मामले में शामिल कुछ अन्य आरोपियों के खिलाफ विदेशी भ्रष्टाचार निरोधक कानून और सबूतों से छेड़छाड़ से संबंधित आरोपों पर अदालत ने अभी अंतिम निर्णय नहीं दिया है। इन आरोपों को फिलहाल खुला रखा गया है और अमेरिकी न्याय विभाग से इसके लिए अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगा गया है।