राहुल गांधी ने पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के लिए न्याय की मांग की
संसद मार्ग पर धरना
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को पैलेट गन से घायल साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग को लेकर संसद मार्ग पर पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि वह न्याय देने से क्यों डरते हैं।
राहुल गांधी ने पहले साहिल लोचब के साथ मंदिर मार्ग पुलिस थाने जाकर प्राथमिकी दर्ज करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने से मना कर दिया। इसके बाद वे डीसीपी कार्यालय पहुंचे और वहां भी प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होगी, वह वहां से नहीं हटेंगे।
कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, साहिल ने 14 अगस्त को अपने वकीलों के माध्यम से दिल्ली पुलिस को एक लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत का जांच अधिकारी (आईओ) नंबर और पावती नहीं दी। इसके बाद 17 अगस्त को ईमेल और फोन के जरिए भी शिकायत पर कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले का पूरा विवरण साझा करते हुए लिखा, "आज साहिल लोचब के साथ, उनके साथ हुई पुलिस बर्बरता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने संसद मार्ग के डीसीपी कार्यालय पहुंचा।"
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पैलेट गन से हमला किया, जिससे उनकी एक आंख की रोशनी खतरे में है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ इस तरह की बर्बरता कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस क्रूरता के लिए न तो गृह मंत्री शाह ने छात्रों को कोई सफाई दी और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे माफी मांगी। उन्होंने शाह से सवाल किया, "न्याय से इतना क्यों घबरा रहे हैं?"
उन्होंने कहा कि साहिल न्याय के लिए प्राथमिकी दर्ज कराना चाहता है, लेकिन उसे ऐसा करने से रोका जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा, "प्राथमिकी होगी। न्यायिक जांच होगी और ऊपर से नीचे तक जो भी इस बर्बरता के दोषी हैं, उन सभी पर कार्रवाई होगी। साहिल और उसके जैसे हर पीड़ित छात्र को न्याय दिलाकर रहेंगे।"