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राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल

राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है, जिसमें चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से हटाए गए हैं। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में एकजुट होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है। जानिए इस याचिका में और क्या कहा गया है और विपक्ष की रणनीति क्या है।
 

राहुल गांधी का सुप्रीम कोर्ट में कदम

नई दिल्ली: देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत द्वारा मुलाकात से मना करने और औपचारिक याचिका दाखिल करने की सलाह देने के बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार शाम को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन के अन्य नेताओं के साथ मिलकर चुनाव आयोग के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम अनुचित तरीके से हटाए गए हैं, और 'वोट चोरी' का हवाला देते हुए एसआईआर प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की गई है।


सीजेआई के रुख के बाद बदला रणनीति

राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर चर्चा के लिए सीजेआई से मुलाकात का समय मांगा था। लेकिन, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने न्यायिक मर्यादा का हवाला देते हुए इस अनुरोध को ठुकरा दिया। उन्होंने विपक्षी नेताओं को आम नागरिक की तरह अदालत में याचिका दायर करने की सलाह दी। सीजेआई के इस रुख के बाद, विपक्ष ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और अब इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में लाने का निर्णय लिया।


याचिका में गंभीर आरोप

इस याचिका में चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर सुनियोजित तरीके से लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। विपक्ष ने अदालत से मांग की है कि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने के लिए वर्तमान एसआईआर अभियान पर तुरंत रोक लगाई जाए और पूरी प्रक्रिया की स्वतंत्र न्यायिक समीक्षा कराई जाए।


विपक्ष का एकजुटता

सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई इस जनहित याचिका को विपक्षी गठबंधन का व्यापक समर्थन प्राप्त है। याचिका पर राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत रॉय, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत, सीपीआईएम महासचिव एम. ए. बेबी और सीपीआई नेता डी. राजा ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सांसद महुआ माजी, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले और मुस्लिम लीग के ई. टी. मोहम्मद बशीर भी इस संयुक्त कानूनी याचिका में सह-हस्ताक्षरकर्ता बने हैं।