राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका, चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
राहुल गांधी की याचिका
कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाने और अन्य गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं। इस याचिका में राहुल गांधी के साथ-साथ अन्य 10 विपक्षी नेता भी शामिल हैं, जिनमें अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव शामिल हैं। याचिका में चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी पार्टी बनाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट तक विपक्ष का मार्च
विपक्ष के नेताओं ने बाराखंबा से सुप्रीम कोर्ट तक एक मार्च निकाला, जो कि इस तरह का पहला आयोजन है। इस मार्च में विपक्ष के नेता बस, पैदल और वाहनों में शामिल हुए। यह मार्च लगभग एक किलोमीटर लंबा था।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस
मार्च से पहले, राहुल गांधी ने 40 मिनट की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने कहा कि यह मार्च शिवजी की बारात की तरह है, जिसमें कोई भी शामिल हो सकता है। इससे पहले, विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को पत्र लिखकर ज्ञापन सौंपने का समय मांगा था, लेकिन सीजेआई ने मिलने से इनकार कर दिया और याचिका दाखिल करने के लिए कहा।
हिरासत और हिंसा के आरोप
रविवार को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की घोषणा की थी। यह प्रदर्शन दिल्ली में शनिवार को हुए विरोध-प्रदर्शनों के एक दिन बाद हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेने और भारी सुरक्षा व्यवस्था की खबरें आई थीं।