रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले बनाया नया रिकॉर्ड, गिरकर पहुंचा 92.528
रुपये की गिरावट का कारण
नई दिल्ली। सोमवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने सबसे निचले स्तर को छू लिया है। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और डॉलर की मांग में इजाफा होने के कारण रुपये पर दबाव बढ़ गया है। शुरुआती कारोबार में रुपये की कीमत 92.20 प्रति डॉलर थी, लेकिन यह जल्दी ही गिरकर 92.528 तक पहुंच गई।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 25 प्रतिशत से अधिक बढ़कर लगभग 118 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव ने तेल बाजार में अस्थिरता को बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों में वृद्धि से भारत जैसे आयातक देशों में डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे रुपये पर और दबाव पड़ता है।
शेयर बाजार में गिरावट का असर
फॉरेक्स ट्रेडर्स के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और शेयर बाजार में भारी गिरावट ने रुपये की कमजोरी को बढ़ाया है। पिछले शुक्रवार को रुपये 18 पैसे गिरकर 91.82 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, डॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.66% बढ़कर 99.64 पर पहुंच गया। घरेलू शेयर बाजार में भी भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा, जिसमें सेंसेक्स 2,400 अंक गिर गया और निफ्टी 708.75 अंक टूटकर 24,000 के नीचे चला गया।
विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 6,030.38 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक के अनुसार, 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 4.885 अरब डॉलर बढ़कर रिकॉर्ड 728.494 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।