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रूस ने पाकिस्तान के आलू आयात पर प्रतिबंध हटाया, किसानों को मिलेगी राहत

रूस ने पाकिस्तान के आलू आयात पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया है, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। इस फैसले से न केवल कृषि निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। जानें कैसे इस निर्णय ने किसानों की किस्मत बदलने की संभावना पैदा की है और इसके पीछे की प्रक्रिया क्या रही।
 

पाकिस्तान के लिए राहत की खबर

नई दिल्ली: आर्थिक संकट और विदेशी मुद्रा की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए रूस से एक महत्वपूर्ण और राहत भरी सूचना आई है। रूस ने पाकिस्तान से आलू के आयात पर लगे अपने पुराने प्रतिबंध को पूरी तरह से हटा लिया है। इस निर्णय के बाद, 8 अप्रैल से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आलू की खेप को रूसी बाजारों में प्रवेश करने की अनुमति मिल गई है। इस घटनाक्रम से न केवल पाकिस्तान के कृषि निर्यात को नया जीवन मिलेगा, बल्कि किसानों को भी आर्थिक लाभ की उम्मीद है।


किसानों के लिए नई संभावनाएं

पाकिस्तान का पंजाब प्रांत आलू उत्पादन का प्रमुख केंद्र माना जाता है। रूस द्वारा आयात पर लगी रोक हटने से इन किसानों की किस्मत में बदलाव आने की संभावना है। रूस एक बड़ा देश है, जहां आलू की खपत काफी अधिक होती है। इस नए विदेशी बाजार के खुलने से पाकिस्तानी आलू की मांग में तेजी आएगी। स्थानीय बाजार में आलू की अधिकता के कारण अक्सर किसानों को अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलने से उन्हें बेहतर कीमत मिल सकेगी। इसके साथ ही, विदेशी मुद्रा की कमी का सामना कर रहे पाकिस्तान को डॉलर कमाने का एक नया रास्ता मिल गया है, जो व्यापार घाटे को कम करने में मदद करेगा।


प्रतिबंध हटाने की प्रक्रिया

आपको बता दें कि मई 2025 में रूस ने पंजाब से आने वाले आलू पर यह कहते हुए प्रतिबंध लगाया था कि इनमें 'पोटैटो ट्यूबर मोथ' और 'टोमेटो विल्ट वायरस' मौजूद हैं। इस साल फरवरी में पाकिस्तान सरकार ने इस मुद्दे को रूसी एजेंसी के सामने उठाया। पाकिस्तान के पौधा संरक्षण विभाग ने इस बैन का विरोध करते हुए कीटों की स्थिति के रिकॉर्ड और प्रयोगशालाओं की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इन रिपोर्टों से यह साबित हुआ कि आलू की फसल में कोई भी कीट या रोगजनक नहीं हैं। इन पुख्ता सबूतों के बाद ही रूस ने प्रतिबंध हटाने की मंजूरी दी है।


बंपर पैदावार और मुनाफे की तैयारी

रूसी प्राधिकरण ने शुरुआत में तीन पाकिस्तानी निर्यातकों को आलू भेजने की अनुमति दी है, जिनमें चेस इंटरनेशनल, जाहिद किन्नो ग्राइंडिंग एंड वैक्सिंग प्लांट और नेशनल फ्रूट शामिल हैं। मॉस्को में पाकिस्तान की व्यापार अताशे शबाना अजीज के अनुसार, रूसी मानकों को पूरा करने पर और कंपनियों को इस सूची में शामिल किया जाएगा। निर्यातकों की सहायता के लिए वर्चुअल बिजनेस बैठकें आयोजित की जा रही हैं। पाकिस्तान इस समय आलू की बंपर पैदावार का अनुभव कर रहा है, जिसमें लगभग 40 लाख टन आलू सरप्लस है। रूस का बाजार खुलने से इस अतिरिक्त स्टॉक की खपत आसानी से होगी, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रहेंगी और किसानों को लाभ होगा।