रूस ने भारत को आपात स्थिति में ईंधन सप्लाई का आश्वासन दिया
पश्चिम एशिया में युद्ध का प्रभाव
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति पर संकट
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमलों के जवाब में, ईरान ने नौ खाड़ी देशों पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ईरान द्वारा हेमुर्ज स्टेट को बंद करने से वैश्विक व्यापार, विशेषकर कच्चे तेल की आपूर्ति, प्रभावित हो रही है।
इस स्थिति के कारण कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कमी हो सकती है। भारतीय सरकार के सूत्रों के अनुसार, भारत के पास केवल 25 दिन का ईंधन स्टॉक बचा है, जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों की कमी की संभावना बढ़ गई है।
रूस का भारत को समर्थन
रूस ने मंगलवार को यह संकेत दिया कि वह मध्य पूर्व में उत्पन्न संकट के कारण होने वाली किसी भी रुकावट की स्थिति में भारत को ऊर्जा सप्लाई में मदद करने के लिए तैयार है। यह बयान खाड़ी क्षेत्र में तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है।
भारत इस समय मध्य पूर्व में हो रहे घटनाक्रम पर ध्यान दे रहा है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है, जिससे व्यापार और ऊर्जा बाजार पर प्रभाव पड़ रहा है। ईरान ने यूएई की तेल रिफाइनरियों और उत्पादन स्थलों को भी निशाना बनाया है।
ट्रंप का बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे युद्ध के बारे में कहा है कि अमेरिका इस संघर्ष को लंबे समय तक जारी रख सकता है। उन्होंने हाल ही में कहा कि उन्होंने युद्ध के प्रारंभिक चरणों में ही ईरान को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। यदि ईरान अपने अड़ियल रवैये को नहीं छोड़ता है, तो अमेरिका एक लंबे युद्ध के लिए भी तैयार है।