रूस ने विमान ईंधन के निर्यात पर लगाया अस्थाई प्रतिबंध
रूसी राष्ट्रपति का बड़ा निर्णय
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन: मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच, पुतिन ने विमान ईंधन के निर्यात पर अस्थाई प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है।
रूसी सरकार ने सोमवार को एक आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि यह प्रतिबंध 30 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की बढ़ती मांग को पूरा करना और कीमतों को स्थिर रखना है।
रूस विश्व के सबसे बड़े रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यातकों में से एक है, लेकिन उसे यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण उत्पादन में कमी और मौसमी बदलाव हैं, जिसके चलते रूस में विमान ईंधन की मांग तेजी से बढ़ी है। सरकार के लिए घरेलू हवाई यातायात और सैन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त रिजर्व बनाए रखना प्राथमिकता बन गई है।
रूस का यह कदम वैश्विक ईंधन आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित कर सकता है, जिससे विमान ईंधन की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि की संभावना है। हालांकि, रूसी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन देशों के साथ पहले से अंतर-सरकारी समझौते हैं, उन्हें सप्लाई जारी रहेगी।