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रूस-यूक्रेन युद्ध: यूरोप में बढ़ते हाइब्रिड खतरे पर चिंता

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने रूस के संभावित हाइब्रिड हमलों की चेतावनी दी है, जिससे NATO देशों में चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि रूस ड्रोन और मिसाइलों के माध्यम से ऐसी घटनाएं कर सकता है, जिन्हें बाद में दुर्घटना के रूप में पेश किया जा सकता है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी इस खतरे को गंभीरता से लिया है। यूरोप में हाइब्रिड युद्ध की चिंता अब केवल पारंपरिक हमलों तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर हमलों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर भी है।
 

पुतिन का संभावित हमला योजना


यूक्रेन युद्ध के चलते यूरोप में रूस से जुड़े हाइब्रिड हमलों की चिंता फिर से बढ़ गई है। पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने चेतावनी दी है कि रूस NATO के पूर्वी हिस्से में ड्रोन या मिसाइलों के माध्यम से ऐसी घटनाएं कर सकता है, जिन्हें बाद में दुर्घटना के रूप में पेश किया जा सकता है। टस्क के अनुसार, इस प्रकार की रणनीति का उद्देश्य NATO देशों के बीच भ्रम उत्पन्न करना और किसी संभावित हमले की स्थिति में सामूहिक प्रतिक्रिया को कमजोर करना हो सकता है। हालांकि, रूस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।


टस्क की चेतावनी का महत्व

17 सितंबर को पोलिश संसद में अपने भाषण में, टस्क ने कहा कि NATO के पूर्वी हिस्से में रूस द्वारा ड्रोन या अन्य प्रोजेक्टाइल के प्रवेश का वास्तविक खतरा है। उन्होंने आशंका जताई कि ऐसी घटना के बाद मॉस्को इसे दुर्घटना बताकर NATO की प्रतिक्रिया को धीमा करने का प्रयास कर सकता है। टस्क ने तेज गति से उड़ने वाले जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन का उल्लेख किया, जो पारंपरिक ड्रोन की तुलना में अधिक ऊंचाई और गति से उड़ सकते हैं, जिससे उन्हें पहचानना और रोकना कठिन हो जाता है।


क्या रूस NATO की परीक्षा लेगा?

यह पोलैंड की सुरक्षा चिंता और खुफिया आकलन का परिणाम है। NATO ने हाल ही में पूर्वी यूरोप में हवाई क्षेत्र के उल्लंघन, साइबर हमलों और अन्य हाइब्रिड गतिविधियों में वृद्धि की बात कही है। संगठन का मानना है कि रूस और उसके सहयोगी इन गतिविधियों के माध्यम से गठबंधन में डर और अस्थिरता पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। NATO ने खतरे को देखते हुए पूर्वी सीमा पर निगरानी और रक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है।


मैक्रों की चेतावनी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी 18 सितंबर को कहा कि हाल के दिनों में यूरोप और फ्रांस के खिलाफ रूसी हाइब्रिड खतरा बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और रक्षा उद्योग से जुड़े संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए हैं। मैक्रों ने यह भी कहा कि यूरोपीय देशों को ऐसी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए, जिसमें किसी हमले से पहले कोई चेतावनी न मिले।


यूरोप में हाइब्रिड युद्ध की चिंता

रूस से जुड़ा खतरा अब केवल पारंपरिक सैन्य हमलों तक सीमित नहीं है। यूरोपीय सरकारें साइबर हमलों, ड्रोन घुसपैठ और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमलों को लेकर भी चिंतित हैं। NATO के अनुसार, ऊर्जा, पानी, खाद्य आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को संकट की स्थिति में चालू रखना उनकी तैयारियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।


NATO के लिए चुनौती

वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी चुनौती यह तय करना है कि कोई घटना दुर्घटना है, जानबूझकर किया गया हमला है या किसी बड़े हाइब्रिड अभियान का हिस्सा है। NATO के अनुच्छेद 4 और अनुच्छेद 5 के बीच का अंतर भी महत्वपूर्ण है। अनुच्छेद 4 के तहत कोई सदस्य देश अपनी सुरक्षा को खतरे में मानते हुए सहयोगियों के साथ चर्चा कर सकता है, जबकि अनुच्छेद 5 सामूहिक रक्षा से संबंधित है।


यूक्रेन युद्ध का दायरा

यूरोप की चिंता का एक बड़ा कारण यह है कि यूक्रेन युद्ध अब NATO की पूर्वी सीमा के बेहद करीब चल रहा है। रूस के लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों ने यूरोपीय देशों को अपनी वायु रक्षा और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया है।