×

रेमंड के संस्थापक विजयपत सिंघानिया का निधन, उद्योग में छाप छोड़ने वाले नेता

रेमंड के संस्थापक विजयपत सिंघानिया का निधन 87 वर्ष की आयु में हुआ। उनके बेटे गौतम सिंघानिया ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की। विजयपत ने रेमंड को एक प्रतिष्ठित ब्रांड में बदल दिया, जो केवल कपड़ों का नहीं, बल्कि स्थिति और पहचान का प्रतीक बन गया। उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई क्षेत्रों में विस्तार किया और उन्होंने कई पुरस्कार भी जीते। जानें उनके जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में।
 

विजयपत सिंघानिया का निधन


रेमंड के संस्थापक विजयपत सिंघानिया: रेमंड के संस्थापक विजयपत सिंघानिया का शनिवार की रात मुंबई में निधन हो गया। उनकी उम्र 87 वर्ष थी। उनके निधन की सूचना उनके बेटे और रेमंड के वर्तमान चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि गहरे दुख के साथ, हम पद्म भूषण डॉ. विजयपत कैलाशपत सिंघानिया के निधन की खबर साझा कर रहे हैं।


विजयपत सिंघानिया केवल एक व्यवसायी नहीं थे, बल्कि एक प्रतिष्ठित ब्रांड के प्रतीक थे। रेमंड को हर घर तक पहुंचाना एक साधारण उपलब्धि नहीं थी। उनके द्वारा निर्मित कपड़े केवल वस्त्र नहीं थे, बल्कि वे स्थिति, वर्ग और पहचान का प्रतीक बन गए थे। 'कंप्लीट मैन' का विचार केवल एक विज्ञापन नहीं था, बल्कि यह एक दृष्टिकोण था।


मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विजयपत सिंघानिया ने लगभग 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ी है। उन्होंने 2015 में अपनी कंपनी की 37 प्रतिशत हिस्सेदारी अपने बेटे को सौंप दी थी, जो अब रेमंड कंपनी का संचालन कर रहे हैं।


विजयपत सिंघानिया का जन्म 4 अक्टूबर 1938 को हुआ था। वे लंबे समय तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन रहे और उन्होंने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उन्होंने 1980 से 2015 तक ग्रुप का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल में कंपनी ने उल्लेखनीय वृद्धि की और कपड़ों के व्यापार के साथ-साथ परफ्यूम जैसे अन्य क्षेत्रों में भी कदम रखा। 90 के दशक में, उन्होंने रेमंड की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को भी स्थापित किया।


उन्हें 1994 में भारतीय वायुसेना द्वारा ऑनरेरी एयर कमोडोर की उपाधि से सम्मानित किया गया। एविएशन के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड भी मिला। नवंबर 2005 में, 67 वर्ष की उम्र में, उन्होंने हॉट एयर बैलून से लगभग 69,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भरकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।