रेल मंत्री ने पेड़ों की सुरक्षा के लिए नए निर्देश जारी किए
रेल लाइन निर्माण में पेड़ों की कटाई पर चिंता
उत्तर प्रदेश के ललितपुर और मध्य प्रदेश के सिंगरौली के बीच रेल लाइन का निर्माण कार्य चल रहा है। हाल ही में यह जानकारी सामने आई कि इस परियोजना के लिए निर्धारित मार्ग पर 54,000 से अधिक पेड़ काटे गए हैं, और अब मार्ग को बदलने की योजना बनाई जा रही है, जिसके कारण और पेड़ों की कटाई होगी। इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने निर्देश दिए हैं कि इस मामले का पुनः अध्ययन किया जाए ताकि पेड़ों की रक्षा की जा सके। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद पेड़ों की संख्या से दोगुने पेड़ लगाए जाने चाहिए।
नई रेल लाइन के लिए मार्ग परिवर्तन
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, खजुराहो-पन्ना सेक्शन पर रेलवे लाइन बिछाने से पहले 54,578 पेड़ों की कटाई की गई थी, जिसमें 24.78 करोड़ रुपये खर्च हुए। रेलवे ने यह भी बताया कि इस मार्ग पर 6 खतरनाक मोड़ हैं, जिससे ट्रेन संचालन सुरक्षित नहीं था। अब इस मार्ग को लगभग 1 किलोमीटर दूर से बदलने का प्रस्ताव है, जिसके लिए फिर से पेड़ों की कटाई की जाएगी। वन विभाग ने पेड़ों की गिनती शुरू कर दी है।
दोगुने पेड़ लगाने की योजना
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पन्ना के जंगलों से संबंधित अलाइनमेंट की जानकारी ली है। ड्रोन फोटोज और टोपो शीट का अध्ययन किया गया है। टीम को निर्देश दिया गया है कि वर्तमान अलाइनमेंट में तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाकर रेलवे लाइन निर्माण का पुनः अध्ययन किया जाए ताकि पेड़ों की रक्षा की जा सके। इसके साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रभावित क्षेत्र में मौजूद पेड़ों की संख्या से दोगुने पेड़ आगामी मानसून से पहले लगाए जाएं।
महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी परियोजना
ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन परियोजना बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी परियोजना है। यह योजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ती है। सिंगरौली-ललितपुर रेलवे लाइन पन्ना के जंगलों के बीच से गुजरती है और मध्य प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र को झांसी-भोपाल की मुख्य रेल लाइन से जोड़ती है।