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रेलवे ने बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना दोगुना किया, 1 जुलाई से लागू

रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए जुर्माना दोगुना कर दिया है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। अब यात्रियों को बिना वैध टिकट पकड़े जाने पर 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। यह नया नियम न केवल बिना टिकट यात्रा पर लागू होगा, बल्कि अन्य नियमों के उल्लंघन पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेलवे का मानना है कि यह कदम अनुशासन बनाए रखने और आर्थिक नुकसान को कम करने में मदद करेगा। जानें इस नए नियम के बारे में और क्या-क्या बदलाव होंगे।
 

नई दिल्ली में रेलवे का नया नियम

नई दिल्ली, 21 जून 2026 (रेलवे नियम 2026)। बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए अब राहत की कोई संभावना नहीं रह गई है। रेलवे ने जुर्माने की राशि में 100 प्रतिशत की वृद्धि की है, जो 1 जुलाई 2026 से लागू होने जा रही है। यह बदलाव यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालेगा।


पहले बिना वैध टिकट पकड़े जाने पर यात्रियों को न्यूनतम 250 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था, लेकिन अब यह राशि बढ़कर 500 रुपये हो जाएगी। रेलवे प्रशासन ने यह निर्णय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 में संशोधन के आधार पर लिया है।


रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव केवल बिना टिकट यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।


बिना टिकट यात्रा पर नया जुर्माना

बिना टिकट यात्रा पर क्या बदलेगा


यदि कोई यात्री बिना वैध टिकट, पास या यात्रा प्राधिकरण के ट्रेन में यात्रा करता है, तो उसे किराए के साथ न्यूनतम 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। पहले यह राशि 250 रुपये थी।


यह ध्यान देने योग्य है कि किराया वसूली और अन्य दंडात्मक प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। केवल न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क को बढ़ाया गया है।


गलत श्रेणी में यात्रा पर भी जुर्माना

गलत श्रेणी में सफर करना भी महंगा पड़ेगा


सिर्फ बिना टिकट होना ही समस्या नहीं बनेगा। यदि कोई यात्री निर्धारित श्रेणी से अलग कोच में यात्रा करता है या आरक्षित सीट पर अनधिकृत कब्जा करता है, तो उस पर भी बढ़ा हुआ अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है।


कई बार यात्री सामान्य टिकट लेकर उच्च श्रेणी के डिब्बों में यात्रा करते पाए जाते हैं। ऐसे मामलों में भी कार्रवाई का दायरा पहले से अधिक सख्त रहेगा।


रेलवे का अनुशासन और राजस्व पर ध्यान

अनुशासन और राजस्व पर रेलवे का फोकस


रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और ट्रेन संचालन में अनुशासन बनाए रखना प्राथमिकता है। बिना टिकट यात्रा रेलवे को आर्थिक नुकसान भी पहुंचाती है।


टिकट जांच अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, जिससे लाखों रुपये की वसूली होती रही है। अब जुर्माना बढ़ने के बाद नियमों के पालन पर और जोर दिया जाएगा।


अन्य उल्लंघनों पर कार्रवाई

इन मामलों में भी हो सकती है कार्रवाई


रेलवे परिसरों में बिना अनुमति प्रवेश करना, प्लेटफॉर्म या ट्रेन में अनधिकृत रूप से सामान बेचना, महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में नियमों के विरुद्ध प्रवेश करना और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों की अवहेलना करना भी कार्रवाई का आधार बन सकता है।


ऐसे मामलों में रेलवे अधिनियम के अलग-अलग प्रावधान लागू होते हैं। विधिक कार्रवाई का रास्ता खुला रहता है।


नया प्रावधान कब से लागू होगा

1 जुलाई से लागू होगा नया प्रावधान


रेलवे ने स्पष्ट किया है कि संशोधित न्यूनतम जुर्माने की व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। धारा 137 और 138 के अन्य प्रावधानों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। यात्रियों के लिए संदेश स्पष्ट है: टिकट लेकर यात्रा करें।