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रेवाड़ी में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा

रेवाड़ी में पुलिस अधीक्षक ने महिला विरुद्ध अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी जीजा को 20 साल की सजा और 2.10 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया गया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

महिला विरुद्ध अपराध पर सख्त कार्रवाई

रेवाड़ी: पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस ने सभी थाना प्रबंधकों, चौकी इंचार्ज और अनुसंधानकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध और पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्हें यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि सभी मामलों में अभियोग बिना किसी देरी के दर्ज किए जाएं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि न्यायालय में आरोपियों को सजा दिलाई जा सके और पीड़ितों को न्याय मिले।


दुष्कर्म के मामले में सजा

इन निर्देशों के अनुपालन में, महिला थाना रेवाड़ी की पुलिस ने एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी जीजा को दोषी ठहराते हुए फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश लोकेश गुप्ता द्वारा 20 साल की कैद और 2 लाख 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यदि आरोपी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे 2 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।


घटना का विवरण

14 जून 2023 को, एक गांव की नाबालिग ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि उसकी दो बहनों की शादी 2015 में हुई थी। जब वह नौवीं कक्षा में पढ़ रही थी, तो छुट्टियों में अपनी बहन के घर गई थी। एक दिन, जब उसकी बहन बाहर गई थी, तब उसके जीजा ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने घटना के बारे में किसी को बताने पर जीजा द्वारा दी गई धमकी के कारण चुप रहने का निर्णय लिया।


जीजा की धमकियाँ

उसके जीजा ने कई बार उसे स्कूल के बाहर मिलकर संबंध बनाने के लिए दबाव डाला। 1 जनवरी 2023 को, जब वह 12वीं कक्षा में थी, उसके जीजा ने उसे धमकी देकर बाइक पर बैठा लिया और रेवाड़ी के एक होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। जब वह रोने लगी, तो जीजा ने उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।


पुलिस कार्रवाई

4 जून 2023 को, वह अपनी बहन और जीजा के साथ हरिद्वार गई थी। लौटते समय, जीजा ने फिर से उसके साथ दुष्कर्म किया। परिवार के सदस्यों ने जब उसके चुप रहने का कारण पूछा, तो उसने अपनी मां को सब कुछ बता दिया। इसके बाद, पुलिस ने नाबालिग की शिकायत पर जीजा के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया।


अदालत में सुनवाई

महिला थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत किए। सभी गवाहों के बयान सुनने के बाद, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा और 2 लाख 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।