लक्षद्वीप में शराब बिक्री पर प्रतिबंध समाप्त, नए आबकारी नियम लागू
लक्षद्वीप में शराब बिक्री पर नए नियम
हिंद महासागर में स्थित लक्षद्वीप, जो लंबे समय से भारत के उन क्षेत्रों में से एक रहा है जहाँ शराब की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध था, अब एक नए अध्याय में प्रवेश कर रहा है। 1979 में लागू कानून के तहत, यहाँ शराब की उपलब्धता को सीमित रखा गया था, जो मुस्लिम-बहुल जनसंख्या और स्थानीय परंपराओं को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था। हाल ही में, केंद्र सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त करने का निर्णय लिया है, जिससे नया आबकारी ढांचा लागू किया जाएगा। यह कदम पर्यटन विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की एक व्यापक योजना का हिस्सा माना जा रहा है.
चार दशकों का प्रतिबंध समाप्त
लक्षद्वीप में शराबबंदी का यह अध्याय लगभग 47 वर्षों तक चला। 1979 में लागू लक्षद्वीप निषेध नियम के तहत शराब की बिक्री और उपभोग पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि, कुछ पर्यटन स्थलों पर सीमित छूट दी जाती थी, लेकिन आमतौर पर यह क्षेत्र शराबबंदी के लिए जाना जाता था। अब केंद्र सरकार ने इस पुराने कानून को समाप्त करने का निर्णय लिया है और इसके स्थान पर नया लक्षद्वीप आबकारी नियम 2026 लागू किया जाएगा, जो शराब के उत्पादन, आयात, परिवहन, बिक्री और उपभोग को लाइसेंस प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित करेगा.
पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना
इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र को सशक्त बनाना है। लक्षद्वीप अपनी प्राकृतिक सुंदरता और साफ समुद्र के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन पर्यटन सुविधाओं के मामले में यह कई अंतरराष्ट्रीय द्वीपीय स्थलों से पीछे रहा है। सरकार का मानना है कि नियंत्रित शराब नीति से पर्यटन उद्योग को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2024 की यात्रा के बाद लक्षद्वीप में देश और विदेश में रुचि बढ़ी है, जिससे पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.
नए आबकारी नियमों की विशेषताएँ
नई आबकारी व्यवस्था के तहत शराब की बिक्री पूरी तरह से लाइसेंस आधारित होगी। सरकार ने शराब पर भारी कर भी निर्धारित किए हैं ताकि इसका उपयोग नियंत्रित रहे। भारतीय निर्मित विदेशी शराब और विदेशी शराब पर 400 प्रतिशत तक आबकारी शुल्क लगाया गया है। बीयर पर 200 प्रतिशत और वाइन पर 80 प्रतिशत कर निर्धारित किया गया है। 21 वर्ष से कम आयु के लोगों को शराब बेचना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, प्रशासक को यह अधिकार दिया गया है कि वह आवश्यकता पड़ने पर किसी विशेष क्षेत्र में शराब बिक्री पर रोक लगा सके या खरीद की सीमा तय कर सके.