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लखनऊ अग्निकांड की जांच शुरू, एसआईटी और फोरेंसिक टीम ने लिया घटनास्थल का जायजा

लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग संस्थान में हुई भीषण आगजनी की घटना की जांच औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान इमारत को सील कर दिया गया है और आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस घटना में 15 लोगों की जान गई थी, और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
 

लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आग की घटना की जांच

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग संस्थान में हुई भयंकर आगजनी की घटना की जांच औपचारिक रूप से मंगलवार को आरंभ हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की संयुक्त टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया शुरू की।


जांच के लिए पूरी इमारत को सील कर दिया गया है। जांच एजेंसियां आग लगने के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं आया है। इससे पहले, सोमवार रात को मुख्यमंत्री ने मामले की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की थी, जिसमें एसआईटी गठित करने के निर्देश दिए गए थे।


अलीगंज थाने में छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है, जिनमें से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित एसआईटी में संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार शामिल हैं। जांच दल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया गया है। घटनास्थल पर पहुंचे एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार ने कहा कि एसआईटी सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।


उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों की भूमिका और दायित्वों का विस्तार से परीक्षण किया जाएगा और तथ्यों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंपी जाएगी। इस बीच, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद है। उन्होंने बताया कि चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।


ब्रजेश पाठक ने कहा, “सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। हादसे में घायल दो लोगों का उपचार चल रहा है और दोनों खतरे से बाहर हैं।” वहीं, आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने एसआईटी गठन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बड़े हादसों के बाद जांच समितियों का गठन तो किया जाता है, लेकिन उनके परिणाम अक्सर सार्वजनिक नहीं होते।


संजय सिंह ने आग से निपटने की व्यवस्थाओं, राहत एवं बचाव कार्य में हुई कथित देरी और संस्थान को पूर्व में मिले ध्वस्तीकरण नोटिस की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि संस्थान में सुरक्षा संबंधी खामियां पहले से चिह्नित थीं, तो समय पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि सोमवार को लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में हुई अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई थी। घटना के बाद रक्षामंत्री और मुख्यमंत्री ने मौके का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से बातचीत की।