लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर उठे सवाल, 12 दिन में धंसी सड़क
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन और धंसने की घटना
उन्नाव। लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को हुआ था, लेकिन महज 12 दिन बाद ही इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस पार्टी ने इस संबंध में एक वीडियो साझा किया है, जिसमें सड़क धंसने की घटना को दर्शाया गया है।
जहां BJP – वहां भ्रष्टाचार pic.twitter.com/gtdyb3APZH
— कांग्रेस (@INCIndia) 26 जुलाई 2026
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि 4,200 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेसवे में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है। पार्टी का कहना है कि इस तरह की सड़कें जनता को 'तोहफे' में मिलती हैं, जो कि भाजपा का 'करप्शन मॉडल' है।
⦿ 13 जुलाई को उद्घाटन हुआ
⦿ 26 जुलाई को सड़क धंस गई– ये 4,200 करोड़ रुपए में बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की हकीकत है
BJP सरकार में घटिया माल लगाकर सड़कें बनाई जाती हैं, पैसों की लूट-खसोट होती है, नेता-मंत्री करोड़ों रुपए डकार जाते हैं।
नतीजा- जनता को 'तोहफे' में ऐसी धंसी… pic.twitter.com/7a7YT5D3hr
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समाजवादी पार्टी के नेता मधुसूदन यादव ने भी इस घटना का वीडियो साझा किया है, जिसमें बारिश के कारण सड़क के एक हिस्से के धंसने को दिखाया गया है। उन्होंने निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
यह घटना उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र में हुई, जहां कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले हिस्से में सड़क 5 से 7 मीटर तक धंस गई। बताया गया है कि लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी खिसक गई।
सड़क की मरम्मत का कार्य
निर्माण एजेंसी ने तुरंत मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया है, ताकि यातायात प्रभावित न हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।
Lucknow-Kanpur Expressway update pic.twitter.com/XLXybPjVYg
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हालांकि, सड़क धंसने के वास्तविक कारणों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। 13 जुलाई को मुख्यमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था, जिसका उद्देश्य यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाना था।