लखनऊ में अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़
लखनऊ में साइबर ठगी का खुलासा
लखनऊ: अलीगंज क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो अमेरिका के नागरिकों को निशाना बना रहा था। कपूरथला के रिध्या प्लाजा में स्थित इस कॉल सेंटर पर शुक्रवार को छापा मारा गया, जिसमें चार महिलाओं सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इस मामले का खुलासा एक फिल्मी अंदाज में हुआ। तड़के गश्त कर रहे एक पुलिसकर्मी ने इमारत के बाहर एक युवक को संदिग्ध स्थिति में देखा। उसकी बातों पर संदेह होने पर पुलिस ने निगरानी शुरू की। कुछ समय बाद जब बिल्डिंग का शटर खुला और लोग अंदर जाने लगे, तो अधिकारियों को सूचित किया गया, जिसके बाद टीम ने कार्यालय में छापा मारा।
फर्जी तकनीकी सहायता के जरिए ठगी का जाल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी इंटरनेट पर फर्जी कस्टमर केयर और तकनीकी सहायता नंबर चला रहे थे। जब अमेरिका में कोई व्यक्ति कंप्यूटर या सॉफ्टवेयर से संबंधित समस्या के लिए इन नंबरों पर संपर्क करता, तो कॉल लखनऊ के इस सेंटर पर पहुंचती थी।
इसके बाद कर्मचारी खुद को तकनीकी सहायता कंपनी का प्रतिनिधि बताकर बात करते थे। आरोप है कि वे पीड़ितों से रिमोट एक्सेस एप डाउनलोड करवाते और उनके कंप्यूटर तक पहुंच प्राप्त करने की कोशिश करते थे। पुलिस के अनुसार, इसी प्रक्रिया में निजी और बैंकिंग जानकारी इकट्ठा की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि सेंटर से एक दिन में लगभग 50 कॉल आती थीं।
ऑफिस का किराया चार महीने पहले लिया गया था
पुलिस के अनुसार, यह कार्यालय लगभग चार महीने पहले किराए पर लिया गया था और अधिकांश कर्मचारी पिछले एक से तीन महीने के बीच यहां काम करने आए थे। जांच में गुजरात के प्रियांशु कुशवाहा का नाम मुख्य संचालक के रूप में सामने आया है, जो फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर है और उसकी तलाश जारी है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए हैं। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि अमेरिकी नागरिकों तक कॉल कैसे पहुंचाई जा रही थीं, ठगी की रकम किस नेटवर्क के माध्यम से प्राप्त की जा रही थी और इस पूरे ऑपरेशन में और कौन लोग शामिल हैं।