लखनऊ में आईएसआईएस से जुड़े राकिब अंसारी को मिली पांच साल की सजा
एनआईए अदालत का फैसला
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एनआईए की विशेष अदालत ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े मामले में राकिब इमाम अंसारी को पांच साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उन पर छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
यह मामला 3 नवंबर 2023 को तब दर्ज हुआ जब एटीएस के दारोगा मोहम्मद अकरम ने गोमतीनगर स्थित एटीएस थाने में शिकायत की। इसके बाद आतंकवाद निरोधक दस्ते ने मामले की गहन जांच शुरू की।
जांच में यह पता चला कि शाहनवाज और रिजवान अली नामक दो व्यक्ति आईएसआईएस की विचारधारा का प्रचार कर रहे थे। राकिब इमाम अंसारी इन दोनों के संपर्क में था और उनकी गतिविधियों में शामिल था।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि आरोपी नए लोगों को आतंकी संगठन से जोड़ने और कट्टरपंथी विचारधारा की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहे थे। इसके अलावा, उन पर भारत सरकार के खिलाफ साजिश रचने का भी आरोप लगा।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों को पेश किया, जिनके बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपों को प्रमाणित किया गया।
एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब राकिब इमाम अंसारी ने अदालत में अपने अपराध को स्वीकार कर लिया। इसके बाद विशेष न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
यह फैसला आतंकवाद और कट्टरपंथी गतिविधियों के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई और न्यायिक सख्ती का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।