लखनऊ में कोचिंग इंस्टीट्यूट में आग से 14 छात्रों की मौत
भीषण आग की घटना
लखनऊ, उत्तर प्रदेश में एक कोचिंग संस्थान में सोमवार को लगी भीषण आग में 14 लोगों की जान चली गई है। इस बात की पुष्टि उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने की। मृतकों में अधिकांश छात्र शामिल हैं। घटना स्थल पर बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
सीएम योगी ने कहा, "लखनऊ में अग्निकांड में कुछ बच्चे प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कुछ की दुखद मौत हुई है। प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है।" उन्होंने तुरंत लखनऊ जाने की जानकारी दी और कहा कि वे पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करेंगे और घटना की गहराई में जाकर दोषियों को सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने यूपी पुलिस के महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक घटनास्थल पर पहुंचे और इस हादसे से काफी भावुक नजर आए। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "कुल 13 बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है, जिन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया। यह एक गंभीर घटना है। अंदर धुआं भरा हुआ है, और लकड़ी के फर्नीचर के कारण दृश्यता बहुत कम है। फायर ब्रिगेड की टीमें अंदर काम कर रही हैं। एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं।"
पाठक ने बताया, "यह एक एनिमेशन सेंटर था, जहां बच्चे कार्टून बनाने और एनिमेशन की ट्रेनिंग लेते थे। उनकी उम्र लगभग 16-17 साल थी। मैंने अपनी आंखों से 14 शव देखे हैं।"
घटना अचानक हुई और इसके कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। मौके पर छह एंबुलेंस तैनात हैं। घायलों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) ट्रॉमा सेंटर भेजा जा रहा है।
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. के.के. सिंह ने बताया, "सात लोगों को यहां लाया गया है। इनमें से दो को मामूली चोटें आई हैं, जिनका इलाज चल रहा है और वे खतरे से बाहर हैं। दो अन्य छात्रों को फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन उनकी हालत स्थिर है।"
सीएम योगी ने घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी को मौके पर भेजा गया है। उन्हें सख्त निर्देश दिए गए हैं कि न केवल इस हादसे के कारणों की जांच की जाए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। प्रशासन ने पूरे इलाके को घेर लिया है और बचाव कार्य में तेजी लाई जा रही है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।