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लखनऊ में नकली दवाओं के खिलाफ FSDA की सख्त कार्रवाई

लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और 29 के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद, सवाल उठता है कि FSDA अन्य जिलों में कब अभियान शुरू करेगा। मरीजों की सुरक्षा और दवा कारोबार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए FSDA की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
 

लखनऊ में FSDA की जांच

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दवाओं के प्रमुख बाजार अमीनाबाद में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ कठोर कदम उठाए हैं। इस कार्रवाई में 14 प्रतिष्ठानों के औषधि लाइसेंस को रद्द कर दिया गया है, जबकि 29 के लाइसेंस को निलंबित किया गया है। अन्य पांच फर्मों के मामलों पर निर्णय अभी बाकी है।


अन्य जिलों में FSDA का अभियान

अब सवाल यह उठता है कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों, विशेषकर आगरा, जहां नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग का बड़ा बाजार है, में FSDA का अभियान कब शुरू होगा? दवाओं की गुणवत्ता, उनकी कीमतों और अस्पतालों में फर्जी बिलिंग के मुद्दे पर फिर से चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में FSDA को प्रदेशव्यापी अभियान कब शुरू करने की योजना है?


जांच और कार्रवाई की आवश्यकता

दवाओं के नाम पर मरीजों से अधिक पैसे वसूलने, बिलिंग में अनियमितताओं और नकली दवाओं की बिक्री पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता है। मरीज पहले से ही इलाज के बढ़ते खर्च से परेशान हैं, ऐसे में दवाओं की कीमतों में गड़बड़ी का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।


FSDA की अपेक्षाएँ

FSDA को चाहिए कि दवा दुकानों और वितरकों की नियमित जांच की जाए। संदिग्ध दवाओं के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जाए और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मरीजों को जागरूक करना भी आवश्यक है ताकि वे दवाओं के पक्के बिल लें और संदिग्ध दवाओं की शिकायत कर सकें।


लाइसेंस रद्द और निलंबन

14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द

इस कार्रवाई में हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा और राम फार्मा के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। इसके अलावा कई अन्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी रद्द किए गए हैं।

29 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें एसएस मेडिको, महालक्ष्मी ट्रेडर्स और अन्य शामिल हैं। इन प्रतिष्ठानों को निलंबन अवधि में दवाओं का क्रय-विक्रय करने की अनुमति नहीं होगी।


अभी भी कुछ मामले लंबित

पांच फर्मों पर फैसला बाकी

विनोद फार्मास्युटिकल्स और अन्य फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इनके मामलों का अंतिम निर्णय अभी लंबित है। अमीनाबाद में एक साथ इतनी कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। FSDA ने नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के खिलाफ अभियान जारी रखने का आश्वासन दिया है।