लखनऊ में पशुपालन विभाग भर्ती घोटाले में रिटायर IAS अधिकारी की गिरफ्तारी
पशुपालन विभाग भर्ती घोटाले में बड़ा कदम
लखनऊ: 2014 में हुए पशुपालन विभाग के भर्ती घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस मामले में लखनऊ से रिटायर आईएएस अधिकारी योगेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है। योगेश कुमार 1980 बैच के आईएएस हैं और उस समय विभाग के प्रमुख सचिव थे। इस घोटाले में पूर्व पशुधन विकास मंत्री राजकिशोर सिंह का नाम भी सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार, शासन से अभियोजन की स्वीकृति मिलने के बाद EOW की टीम ने योगेश कुमार को गोमती नगर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया। तत्कालीन सपा सरकार के दौरान 17 मंडलों में 1198 पदों पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की भर्ती की गई थी। इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस घोटाले के समय योगेश कुमार पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव थे, जबकि राजकिशोर सिंह उस समय पशुधन विकास मंत्री थे। भर्ती प्रक्रिया के कुछ समय बाद ही योगेश कुमार रिटायर हो गए थे। जांच एजेंसी के अनुसार, चयन प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों के अंकपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं में हेरफेर किया गया था। एसआईटी और EOW की जांच में तत्कालीन मंत्री और विभाग के उच्च अधिकारियों की मिलीभगत के ठोस सबूत मिले हैं।
पूर्व मंत्री राजकिशोर सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने और अभियोजन की स्वीकृति देने की फाइल वर्तमान में शासन स्तर पर विचाराधीन है। राजकिशोर सिंह वर्तमान में भाजपा में शामिल हैं, और उन्होंने मई 2024 में लखनऊ में पार्टी की सदस्यता ली थी। EOW की टीम योगेश कुमार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, जिससे घोटाले से जुड़े अन्य नामों और लेनदेन का खुलासा होने की संभावना है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने यूपी के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।