लखनऊ में बुजुर्ग की हत्या: मामूली विवाद ने लिया खतरनाक मोड़
लखनऊ में चाकू से हमला
लखनऊ: शनिवार को लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। थाने के पास फ्लाईओवर के नीचे एक कबाड़ी ने बाइक पर सवार बुजुर्ग और उनके पोते पर चाकू से हमला कर दिया। जब पोते को बचाने के लिए बुजुर्ग ने हस्तक्षेप किया, तो आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण बुजुर्ग की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया।
पुलिस ने गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी की पहचान राजकुमार उर्फ मलाई (40) के रूप में की है। वह केशवनगर में मार्कंडेय धर्मशाला के पास रहता है और कबाड़ खरीदने का काम करता है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है।
बिजली का बिल जमा करने निकले थे बुजुर्ग और पोता
भरतनगर निवासी मगन बिहारी तिवारी, जो नगर निगम के आरआर विभाग से 2010 में रिटायर हुए थे, अपने पोते संकल्प तिवारी के साथ बाइक पर बिजली का बिल जमा करने जा रहे थे।
जब वे मड़ियांव थाने के सामने पहुंचे, तो एक कबाड़ी गलत दिशा से आ रहा था। संकल्प ने उसे रास्ते के बारे में टोका, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। कबाड़ी ने अचानक चाकू निकालकर संकल्प पर हमला कर दिया।
बुजुर्ग मगन बिहारी ने पोते को बचाने के लिए बाइक से उतरकर हस्तक्षेप किया, लेकिन आरोपी ने उन्हें भी नहीं बख्शा। इस बीच, आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचित किया, लेकिन आरोपी मौके से भागने में सफल रहा।
परिवार में शोक की लहर
नगर निगम से रिटायर थे मगन बिहारी
मगन बिहारी के बेटे प्रदीप तिवारी नगर निगम के जोन-2 में सुपरवाइजर हैं। उन्होंने बताया कि घटना के समय वह कार्यालय में थे और उन्हें फोन पर पिता की तबीयत खराब होने की सूचना मिली। जब वह हाईवे अस्पताल पहुंचे, तब उन्हें घटना की जानकारी मिली।
मगन बिहारी के परिवार में उनकी पत्नी माया तिवारी, बेटा प्रदीप, बहू पुष्पा और तीन पोते-पोतियां हैं। घटना के समय उनके साथ मौजूद संकल्प इंटर में पढ़ाई कर रहा है। पिता की मौत की खबर सुनकर उनकी बड़ी बेटी पूनम भी अस्पताल पहुंचीं और शव देखकर बेहोश हो गईं। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में विवाद की वजह रास्ते को लेकर हुई कहासुनी सामने आई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें सक्रिय हैं।