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लखनऊ में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, 27 सितंबर तक मौसम में बदलाव की संभावना

लखनऊ में पिछले 48 घंटों से हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने 27 सितंबर तक ऐसे ही मौसम की चेतावनी दी है। राजधानी में पेड़ गिरने और बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
 

लखनऊ में बारिश का कहर


लखनऊ : उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में पिछले 48 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राजधानी लखनऊ में भी बारिश ने कहर बरपाया है, जिसके चलते कई स्थानों पर जलभराव हो गया है। कुछ सड़कों पर पानी भर गया है, जबकि अन्य स्थानों पर सड़कें टूट गई हैं। आंधी के कारण बिजली के पोल भी गिर गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 27 सितंबर तक ऐसे ही मौसम की संभावना बनी हुई है।


स्कूलों की छुट्टी और तापमान में गिरावट

राजधानी और अन्य जिलों में शनिवार को कक्षा 12 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इसके अलावा, दिन के तापमान में भी गिरावट आई है, जहां छह शहरों में तापमान 9 से 10 डिग्री तक नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 59 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है और 5 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।


जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं

आशियाना में नाबार्ड के पास सड़क पर भारी जलभराव हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।


निशातगंज में बारिश के दौरान एक बरगद का पेड़ सड़क पर गिर गया, जिससे आवागमन बाधित हुआ। फैजुल्लागंज में जुड़वा मंदिर के पास भी एक पेड़ गिरने से बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई।


ताज होटल के पास जलभराव


राजधानी लखनऊ के ताज होटल के पास पुल के नीचे पानी भर गया है, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी गिर गए हैं।


जानकीपुरम-गोमतीनगर की सड़कें जलमग्न

जानकीपुरम विस्तार के सभी सेक्टरों की सड़कें भारी बारिश के कारण जलमग्न हो गई हैं। न्यू एमटी कॉलेज और गोमतीनगर में सड़कें तालाब में बदल गई हैं, जिससे कई वाहन चालक चोटिल हुए हैं।


भविष्यवाणी और प्रशासन की तैयारी

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 27 सितंबर तक मौसम में बदलाव की संभावना है। राहत आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए हैं।


रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और राहत एजेंसियों को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।