☰
×

लखनऊ में महिला डॉक्टरों का वेतन समानता के लिए प्रदर्शन

लखनऊ में महिला डॉक्टरों ने वेतन असमानता के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया। 2018, 2019 और 2020 बैच के डॉक्टरों ने समान वेतन और लंबित एरियर की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़पें हुईं, जिससे उनकी स्थिति पर गंभीर सवाल उठे। यूपी कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कोविड के दौरान सेवा देने वाली डॉक्टरों को आज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। जानें इस प्रदर्शन के पीछे की पूरी कहानी और डॉक्टरों की मांगें।
 

महिला डॉक्टरों का संघर्ष

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बॉन्डेड MBBS डॉक्टरों ने वेतन असमानता के खिलाफ एक प्रदर्शन आयोजित किया। इस प्रदर्शन में 2018, 2019 और 2020 बैच के डॉक्टरों ने समान वेतन और लंबित एरियर के भुगतान की मांग की। उन्होंने कहा कि समान डिग्री और समान सेवा के बावजूद वेतन में भिन्नता क्यों है? जब महिला डॉक्टरों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पुलिस के सामने खड़े होकर विरोध किया, तो वे एक ढाल बन गईं। लखनऊ में बॉन्डेड एमबीबीएस और सीएचजी-पीएचसी (CHC-PHC) पर तैनात महिला डॉक्टरों और चिकित्सकों ने वेतन समानता और सरकारी आदेश जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया है।


यूपी कांग्रेस ने एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि कोविड के दौरान सेवा देने वाली महिला डॉक्टरों को आज अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है। लखनऊ में प्रदर्शन कर रही महिला डॉक्टरों के साथ पुलिस की बदसलूकी और 40 दिन बीत जाने के बाद भी शासनादेश जारी न होना भाजपा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।


कोविड में सेवा करने वाली महिला डॉक्टरों को आज अपने ही हक़ के लिए सड़कों पर संघर्ष करना पड़ रहा है!

लखनऊ में प्रदर्शन कर रहीं महिला डॉक्टरों के साथ पुलिस की बदसलूकी और 40 दिन बीतने के बाद भी शासनादेश जारी न होना भाजपा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में सेवाएँ देने वाली डॉक्टरों को आखिर अपने अधिकारों के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? वेतन असमानता दूर करने और शासनादेश जारी करने की उनकी माँग पर सरकार कब ध्यान देगी?

— UP Congress (@INCUttarPradesh) October 13, 2026



पार्टी ने यह भी सवाल उठाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी के बावजूद डॉक्टरों को अपने अधिकारों के लिए इतना संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? वेतन असमानता को समाप्त करने और शासनादेश जारी करने की उनकी मांग पर सरकार कब ध्यान देगी?


प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा डॉक्टरों को हटाने और कथित दुर्व्यवहार के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिससे विपक्षी दलों ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की बात कही है।