लखनऊ में विवेक तिवारी हत्या मामले में कोर्ट का फैसला: एक पुलिसकर्मी दोषी
लखनऊ कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आठ साल पहले घटित विवेक तिवारी हत्या मामले में आज कोर्ट का फैसला सुनाया गया है। विवेक तिवारी एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर थे, और इस घटना ने पुलिस के कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए थे। इस मामले में दो पुलिसकर्मियों, प्रशांत चौधरी और संदीप कुमार, के खिलाफ कार्रवाई की जा रही थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रशांत चौधरी को दोषी ठहराया, जबकि सह-आरोपी संदीप कुमार को सबूतों की कमी के कारण बरी कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, विवेक तिवारी की हत्या 29 सितंबर 2018 को हुई थी। वह अपनी सहकर्मी सना खान के साथ कार में लौट रहे थे, जब गोमतीनगर एक्सटेंशन में मकदूमपुर पुलिस चौकी के पास उन्हें रोका गया। आरोप है कि विवेक ने कार नहीं रोकी, जिसके बाद पुलिस ने दावा किया कि उन्होंने सिपाहियों को टक्कर मारने की कोशिश की।
इस दौरान, सिपाही प्रशांत ने विवेक पर गोली चला दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद सना खान की शिकायत पर गोमतीनगर थाने में मामला दर्ज किया गया।
लखनऊ जिला जज कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया है। आठ साल बाद आए इस निर्णय में प्रशांत चौधरी को हत्या के बजाय गैर-इरादतन हत्या का दोषी ठहराया गया है। उनकी सजा पर फैसला 21 सितंबर को सुनाया जाएगा। दूसरी ओर, संदीप कुमार को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया है।
विवेक के परिवार ने इस फैसले पर निराशा व्यक्त की है और कहा है कि वे ऊपरी अदालत में अपील करेंगे। परिवार ने कहा कि सजा सुनाए जाने के बाद वे आगे की कार्रवाई तय करेंगे। विवेक तिवारी की हत्या ने न केवल लखनऊ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था।