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लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रा की फूड पॉइजनिंग से मृत्यु, ABVP ने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

लखनऊ के बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय में 'इंटिग्रेटेड बेसिक साइंस' की छात्रा अनामिका की फूड पॉइजनिंग से मृत्यु हो गई। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है और प्रशासन की संवेदनहीनता पर सवाल उठाए हैं। इस दुखद घटना ने छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों को फिर से सामने ला दिया है।
 

दुखद घटना का विवरण

लखनऊ। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (BBAU) के यशोधरा गर्ल्स हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग के कारण 'इंटिग्रेटेड बेसिक साइंस' की छात्रा अनामिका की दुखद मृत्यु हो गई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।


प्रशासन की लापरवाही पर सवाल

अभाविप ने इसे केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की गंभीर लापरवाही और छात्र जीवन के प्रति संवेदनहीनता का उदाहरण बताया है। जिस परिसर में छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, वहां इस तरह की लचर व्यवस्था ने प्रशासनिक प्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।


ABVP की मांगें

अभाविप के प्रदेश मंत्री अर्पण कुशवाहा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में इस प्रकार की स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की और संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रावासों की खान-पान व्यवस्था में सुधार करने और मृत छात्रा के परिवार को उचित मुआवजा देने की अपील की।


महानगर मंत्री की संवेदनाएं

महानगर मंत्री सरिता पाण्डेय ने घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि “एक विद्यार्थी केवल एक संख्या नहीं होता, वह किसी परिवार के सपनों और उम्मीदों का केंद्र होता है। इस प्रकार की घटना समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।”


छात्रों की मूलभूत आवश्यकताओं की कमी

बाबा साहब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय की इकाई अध्यक्ष अमरप्रीत कौर ने कहा कि छात्र यहां अपने भविष्य को संवारने आते हैं, लेकिन जब उन्हें मूलभूत सुविधाएं जैसे शुद्ध पानी और स्वास्थ्यवर्धक भोजन नहीं मिलते, तो उनके सपने धूमिल हो जाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को अनामिका की मृत्यु के लिए जिम्मेदार ठहराया।