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लखीमपुर खीरी में स्थापित होगा देश का पहला बायोपॉलिमर संयंत्र

लखीमपुर खीरी में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा देश का पहला बायोपॉलिमर संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यह संयंत्र गन्ने से बायो प्लास्टिक का उत्पादन करेगा, जिससे बोतलें, कप और कैरी बैग जैसे उत्पाद बनेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संयंत्र का शिलान्यास किया और इसे किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। जानें इस संयंत्र की विशेषताएँ और निर्माण की स्थिति के बारे में।
 

लखीमपुर खीरी में बायोपॉलिमर संयंत्र की स्थापना


लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कुंभी में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड द्वारा देश का पहला बायोपॉलिमर संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इस संयंत्र में गन्ने से पॉली लैक्टिक एसिड (Biodegradable) आधारित बायो प्लास्टिक का उत्पादन किया जाएगा, जिससे बोतलें, कप, प्लेट और कैरी बैग जैसे उत्पाद बनाए जाएंगे।


शिलान्यास की तारीख


रिपोर्टों के अनुसार, इस संयंत्र का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 फरवरी 2025 को कुंभी चीनी मिल परिसर में किया था। उन्होंने इस अवसर पर कहा था कि प्रदेश की नीति के तहत ऐसे निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है और बलरामपुर चीनी मिल इस दिशा में कदम बढ़ाने वाला पहला समूह है। इसके साथ ही, उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' के दृष्टिकोण से भी जोड़ा।


संयंत्र की विशेषताएँ


निर्माता कंपनी: बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड


स्थान: कुंभी चीनी मिल परिसर, लखीमपुर खीरी


वार्षिक उत्पादन क्षमता: 80 हजार टन


उत्पाद: बायो प्लास्टिक से बोतलें, कप, प्लेट, डिब्बे और कैरी बैग


पर्यावरण: संयंत्र जीरो लिक्विड डिस्चार्ज के तहत कार्य करेगा


लागत: शिलान्यास के समय 2,850 करोड़ रुपये बताई गई थी, जबकि हाल की रिपोर्ट में इसकी लागत 3,080 करोड़ रुपये बताई गई है।


किसानों और युवाओं के लिए लाभ


मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार के संयंत्र से किसानों की आय में वृद्धि होगी और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 120 चीनी मिलें हैं, जिनमें से 10 बलरामपुर चीनी मिल समूह की हैं। उनके अनुसार, यह संयंत्र प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कार्य करेगा और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूत करेगा।


निर्माण कार्य की प्रगति


सूत्रों के अनुसार, शिलान्यास के बाद से कुंभी में संयंत्र का निर्माण कार्य जारी है। हाल ही में जिलाधिकारी ने भी निर्माण स्थल का निरीक्षण किया।