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लद्दाख में 5.5 तीव्रता का भूकंप: जानें क्या है स्थिति?

गुरुवार सुबह लद्दाख के लेह में 5.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि किसी भी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने भूकंप की जानकारी साझा की है। जानें इस भूकंप के प्रभाव और अन्य क्षेत्रों में भूकंप की घटनाओं के बारे में।
 

भूकंप के झटके लद्दाख में


नई दिल्ली: गुरुवार की सुबह लद्दाख के लेह में अचानक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यह घटना सुबह लगभग 6:05 बजे हुई, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई और इसका केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था।


लोगों में दहशत

सुबह के समय जब लोग अपने घरों में थे, तभी अचानक भूकंप के झटके महसूस हुए। इस अचानक घटना से कई लोग घबरा कर अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ क्षेत्रों में लोग काफी देर तक खुले में रहे। भूकंप के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी व्यक्ति के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं आई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर रख रही हैं।


NCS द्वारा दी गई जानकारी

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लेह में आए भूकंप की जानकारी साझा की। एजेंसी के अनुसार, भूकंप का केंद्र 36.881 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 74.402 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर बताई गई है। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।


EQ of M: 5.5, On: 13/08/2026 06:05:15 IST, Lat: 36.881 N, Long: 74.402 E, Depth: 10 Km, Location: Leh, Ladakh.
For more information Download the BhooKamp App https://t.co/5gCOtjdtw0 @DrJitendraSingh @OfficeOfDrJS @DrNKalaiselvi @GSuresh_NCS @ndmaindia pic.twitter.com/PWjNXlhVk0

— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) August 13, 2026



भूकंप की तीव्रता का महत्व

भूकंप की तीव्रता बढ़ने के साथ उसके प्रभाव का खतरा भी बढ़ता है। 2.0 या उससे कम तीव्रता वाले झटकों को आमतौर पर माइक्रो भूकंप माना जाता है, जिन्हें कई बार लोग महसूस नहीं कर पाते। वहीं, 4.5 से ऊपर की तीव्रता वाले भूकंप को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि ये इमारतों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।


7.0 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप को बेहद शक्तिशाली माना जाता है। हालांकि, नुकसान केवल तीव्रता पर निर्भर नहीं करता, बल्कि भूकंप की गहराई, केंद्र से दूरी और इमारतों की मजबूती भी महत्वपूर्ण होती है।


अन्य क्षेत्रों में भूकंप के झटके

हाल के दिनों में देश के कुछ अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। 8 अगस्त को महाराष्ट्र के नाशिक जिले में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसकी गहराई लगभग 5 किलोमीटर थी।


इसके अलावा, 2 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर में भी हल्के भूकंप के झटके महसूस हुए थे, जिसकी तीव्रता 2.9 मापी गई थी। उस भूकंप से किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी।