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लद्दाख में जोजिला दर्रे पर हिमस्खलन: जानें क्या हुआ और राहत कार्य की स्थिति

लद्दाख के जोजिला दर्रे में शुक्रवार को आए एक भीषण हिमस्खलन ने कई लोगों की जान ले ली और कई अन्य घायल हुए। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, जिसमें पुलिस, सेना और स्थानीय प्रशासन शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ वाहन अभी भी बर्फ के नीचे दबे हुए हैं। जानें इस घटना की पूरी जानकारी और राहत कार्य की स्थिति के बारे में।
 

जोजिला दर्रे पर भयंकर हिमस्खलन


शुक्रवार को लद्दाख के जोजिला दर्रे में एक गंभीर हिमस्खलन ने स्थिति को अत्यंत गंभीर बना दिया। श्रीनगर-लेह मार्ग पर अचानक गिरी बर्फ के कारण कम से कम पांच लोगों की जान चली गई, जबकि सात अन्य घायल हुए हैं। इस घटना के बाद राजमार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया, जिससे कई वाहन बर्फ में दब गए।


राहत कार्य की शुरुआत

दोपहर में आए इस हिमस्खलन की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लगभग 12 से 15 वाहन बर्फ में समा गए। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जिसमें पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन (BRO), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन शामिल हैं।


अधिकारियों के अनुसार, यह हिमस्खलन द्रास क्षेत्र में कैप्टन टर्न के पास हुआ, जहां चलते वाहनों को अचानक बर्फ ने अपनी चपेट में ले लिया। द्रास के उपमंडल मजिस्ट्रेट विशाल अत्री ने पुष्टि की कि इस दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल हैं.


मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका



प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ वाहन अब भी पूरी तरह बर्फ के नीचे दबे हुए हैं। बचाव दल लगातार फंसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ है और बर्फ हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।


विशाल अत्री का बयान

विशाल अत्री ने बताया कि बचाव अभियान राजमार्ग के दोनों ओर से चलाया जा रहा है। एक तरफ सोनमर्ग की दिशा से और दूसरी तरफ द्रास की ओर से। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर पहुंचने पर बड़ी मात्रा में बर्फ के नीचे दबे वाहन दिखाई दिए, लेकिन हिमस्खलन के पिछले हिस्से तक पहुंचना फिलहाल संभव नहीं हो सका है।


राहत कार्य को तेज करने के लिए सेना और अन्य एजेंसियों से अतिरिक्त मदद ली गई है। करीब 100 से अधिक कर्मी इस अभियान में लगे हुए हैं, जबकि एम्बुलेंस और अन्य जरूरी संसाधन भी मौके पर तैनात किए गए हैं। हालांकि, कश्मीर की ओर से आ रहे वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम ने बचाव कार्य में कुछ बाधाएं उत्पन्न कीं।


यह अभियान दोपहर करीब 1 बजे शुरू हुआ और कई घंटों तक लगातार जारी रहा। अधिकारियों का कहना है कि अगले कुछ घंटों तक राहत कार्य जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।