लातूर में भाजपा की हार: कांग्रेस की बड़ी जीत का कारण क्या है?
लातूर में भाजपा की हार का विश्लेषण
महाराष्ट्र में भाजपा के नेताओं के लिए लातूर का चुनाव परिणाम एक बड़ा झटका साबित हुआ है। पिछली बार भाजपा ने यहां जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार उसे हार का सामना करना पड़ा है, जबकि कांग्रेस ने शानदार जीत दर्ज की है। इस हार का मुख्य कारण भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण का विवादास्पद बयान माना जा रहा है। चव्हाण ने पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बारे में एक आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसका स्थानीय लोगों पर गहरा असर पड़ा। लोगों ने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए मतदान में भाग लिया और भाजपा को पराजित किया।
चव्हाण ने अपनी सभा में भीड़ को देखकर उत्साह में आकर कहा था कि इस बार लातूर से विलासराव देशमुख की यादों को मिटा दिया जाएगा। इस बयान पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई, और स्थानीय विधायक धीरज देशमुख, जो विलासराव के बेटे हैं, ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। इसके परिणामस्वरूप, लातूर में मतदान प्रतिशत 70 फीसदी से अधिक रहा, जबकि पूरे महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव में केवल 53 फीसदी वोट पड़े। कांग्रेस ने 70 सीटों वाले नगर निगम में 40 सीटें जीतकर एक बड़ी जीत हासिल की, जबकि भाजपा 36 सीटों से घटकर 22 सीटों पर आ गई।