लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि: श्रद्धांजलि में गूंजे 'जय जवान जय किसान'
लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
नई दिल्ली: शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर देशभर में श्रद्धा और सम्मान का माहौल बना रहा। राजधानी से लेकर विभिन्न राज्यों में कार्यक्रमों और सभाओं के माध्यम से शास्त्री जी को श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान को याद किया गया।
राजनीतिक नेताओं से लेकर सामाजिक संगठनों तक सभी ने 'जय जवान जय किसान' के प्रवर्तक को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके विचार आज भी देश को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नेताओं के संदेशों में शास्त्री जी की सादगी, देशभक्ति और दृढ़ नेतृत्व की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।
अमित शाह का श्रद्धांजलि संदेश
अमित शाह ने शास्त्री जी को संकट काल का मार्गदर्शक बताया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि संकट के समय शास्त्री जी के नारे ने देश के आत्मनिर्भरता और सुरक्षा को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाले शास्त्री जी ने अपने दृढ़ संकल्प और मजबूत नेतृत्व से 1965 के युद्ध में भारत को विजय दिलाई। अमित शाह ने शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन को समाजसेवियों के लिए प्रेरणा बताया।
अन्य नेताओं की श्रद्धांजलि
नितिन गडकरी और अर्जुन राम मेघवाल का नमन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी शास्त्री जी को याद करते हुए उन्हें 'जय जवान जय किसान' का प्रणेता बताया। वहीं केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि शास्त्री जी के उद्घोष ने राष्ट्र में नई चेतना का संचार किया।
नीतीश कुमार और योगी आदित्यनाथ की श्रद्धांजलि
नीतीश कुमार और पुष्कर सिंह धामी की श्रद्धांजलि
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर उन्हें सादर नमन और विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शास्त्री जी का सादगी और देशभक्ति से भरा नेतृत्व आज भी सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया सादगी और सत्यनिष्ठा का प्रतीक
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शास्त्री जी को सादगी, शुचिता और सत्यनिष्ठा का अद्वितीय प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने वाला शास्त्री जी का संपूर्ण जीवन मर्यादा और अनुशासन का सही उदाहरण है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शास्त्री जी ने सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से भारतीय राजनीति में अमिट छाप छोड़ी।
शास्त्री जी का नेतृत्व
कृषि और रक्षा को नई दिशा देने वाला नेतृत्व
लाल बहादुर शास्त्री ने अपने छोटे से कार्यकाल में ही देश को कृषि और रक्षा के क्षेत्र में नई राह दिखाई। उनके नेतृत्व में 1965 के युद्ध के दौरान भारत ने साहस, एकता और आत्मविश्वास का परिचय दिया। उनकी पुण्यतिथि पर आए नेताओं के संदेशों से यह स्पष्ट हुआ कि शास्त्री जी के आदर्श, विचार और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी उतने ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक हैं।