लाल सागर में बढ़ता तनाव: हूतियों ने सऊदी अरब के ठिकानों पर हमले की दी चेतावनी
लाल सागर में तनाव की नई लहर
नई दिल्ली। लाल सागर में एक बार फिर से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। हूतियों ने सऊदी अरब के एक जहाज और उसके सैन्य ठिकानों पर हमले की योजना का ऐलान किया है। उनका कहना है कि वे सऊदी से जुड़े सैन्य ठिकानों और समुद्री संपत्तियों के खिलाफ अपने अभियान को जारी रखेंगे।
हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने लाल सागर में एक सैन्य परिवहन पोत और यमन के भीतर सऊदी समर्थित ठिकानों को निशाना बनाया है। उनके अनुसार, मोचा क्षेत्र और मारिब प्रांत के तदाविन कैंप में मौजूद सैन्य जमावड़ों, हथियार डिपो और कमांड सेंटरों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए गए। इन हमलों में सटीकता थी और इनमें सऊदी नागरिकों सहित कई लोग हताहत हुए। हूती संगठन ने चेतावनी दी है कि सऊदी अरब की सैन्य टुकड़ियां उनके निशाने पर रहेंगी।
यह धमकी उस समय आई है जब लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरू में समुद्री सुरक्षा को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है। हाल ही में एक कमर्शियल पोत पर हुए हमले में लगभग 6 लोगों की मौत की सूचना मिली थी। यमनी सरकार ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया था। रिपोर्ट के अनुसार, खाद्य सामग्री ले जा रहे तिहामाह नामक मालवाहक जहाज पर मिसाइलें दागी गई थीं। अब सऊदी अरब के खिलाफ हूतियों की नई धमकी ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि हूतियों की किसी भी कार्रवाई को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलीमी ने कहा है कि सरकार हूती विद्रोहियों की कार्रवाई का जवाब देगी और उनसे हथियार छोड़कर राजनीतिक प्रक्रिया में शामिल होने की अपील की है। यमन में लंबे समय से हूती विद्रोहियों और सरकार के बीच संघर्ष चल रहा है, जिसका असर अब समुद्री रास्तों पर भी दिखाई दे रहा है। लाल सागर विश्व के महत्वपूर्ण व्यापारिक समुद्री मार्गों में से एक है और यहां जहाजों पर हमलों से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और सप्लाई चेन को लेकर चिंता बढ़ती रही है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि ईरान युद्ध में अमेरिका का साथ देने के कारण हूती सऊदी अरब के खिलाफ युद्ध कर रहे हैं। वर्तमान में पूरी दुनिया की नजर लाल सागर और यमन के घटनाक्रम पर टिकी हुई है।