लालकृष्ण आडवाणी का 99वां जन्मदिन: पीएम मोदी ने दी बधाई और याद किए योगदान
लालकृष्ण आडवाणी का जन्मदिन
आज, 8 नवंबर को, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी अपना 99वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस विशेष अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और उनके राजनीतिक सफर को याद करते हुए एक लेख लिखा। पीएम मोदी ने उल्लेख किया कि यह कितना अद्भुत संयोग है कि आज दीपावली का पर्व भी है और आडवाणी अपने जीवन के सौवें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें हमेशा आडवाणी का स्नेह और मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
आडवाणी के योगदान की सराहना
प्रधानमंत्री ने आडवाणी के देश के प्रति योगदान, जनसंघ को मजबूत करने और भारतीय जनता पार्टी के निर्माण में उनकी भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने पार्टी को 'नेशन फर्स्ट' की स्पष्ट सोच दी और कई पीढ़ियों के कार्यकर्ताओं को तैयार किया। पीएम मोदी ने आडवाणी के लिए एक लंबा और स्वस्थ जीवन जीने की कामना की। उन्होंने प्रार्थना की कि आडवाणी लंबे समय तक स्वस्थ रहें और जीवन की खुशियों का अनुभव करते रहें।
आडवाणी का प्रारंभिक जीवन
लालकृष्ण आडवाणी का जन्म 8 नवंबर 1927 को कराची में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। 1947 में भारत के विभाजन के दौरान उन्हें अपना घर छोड़कर भारत आना पड़ा। पीएम मोदी ने लिखा कि आडवाणी ने बिना किसी कड़वाहट के नए सिरे से अपना जीवन शुरू किया। इसके बाद उन्होंने जनसंघ को मजबूत करने और भारतीय जनता पार्टी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अटल-आडवाणी की साझेदारी
पीएम मोदी ने आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बीच के रिश्ते का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने कई दशकों तक साथ काम किया और कभी एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी नहीं माना। आडवाणी 1967 में दिल्ली मेट्रोपॉलिटन काउंसिल के अध्यक्ष बने और 1970 में संसद में प्रवेश किया।
आपातकाल के खिलाफ संघर्ष
प्रधानमंत्री मोदी ने 1975 में लगाए गए आपातकाल को आडवाणी के जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। उन्होंने कहा कि आडवाणी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया और इस दौरान जेल भी गए। आडवाणी ने अपनी किताब 'ए प्रिजनर्स स्क्रैप-बुक' में आपातकाल के अनुभवों को दर्ज किया है।
राजनीतिक जिम्मेदारियां
लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद वे सूचना एवं प्रसारण मंत्री बने। बाद में, अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में उन्होंने गृह मंत्री और उपप्रधानमंत्री का पद संभाला।
आडवाणी की व्यक्तिगत रुचियां
प्रधानमंत्री मोदी ने आडवाणी के राजनीतिक जीवन के अलावा उनकी व्यक्तिगत रुचियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि आडवाणी किताबें पढ़ने के शौकीन हैं और नियमित रूप से अखबार पढ़ते हैं। उन्हें सिनेमा और थिएटर में भी काफी दिलचस्पी रही है।