लुटियंस दिल्ली में वायुसेना ने 39.5 एकड़ भूमि का किया हस्तांतरण
भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने लुटियंस दिल्ली के संवेदनशील क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण सरकारी भूखंडों को पुनः प्राप्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय वायुसेना ने लोक कल्याण मार्ग पर रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की 39.5 एकड़ की बहुमूल्य भूमि को औपचारिक रूप से केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के लैंड एंड डेवलपमेंट ऑफिस (L&DO) को सौंप दिया है। यह हस्तांतरण 'जैसा है जहां है' (As is where is) के सिद्धांत पर किया गया है। प्रधानमंत्री आवास के निकट होने के कारण यह क्षेत्र सामरिक और प्रशासनिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
खेल सुविधाओं का समावेश
गोल्फ कोर्स और स्विमिंग पूल की सुविधाएं थीं शामिल, L&DO और रक्षा संपदा का होगा संयुक्त सर्वे
वायुसेना द्वारा सौंपी गई 39.5 एकड़ भूमि का उपयोग पहले एयर फोर्स स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में किया जा रहा था, जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, स्विमिंग पूल और अन्य खेल सुविधाएं शामिल थीं। प्रारंभ में L&DO ने लगभग 39.9 एकड़ भूमि की मांग की थी, जिसमें से 39.5 एकड़ का भौतिक कब्जा अब नागरिक प्रशासन के पास आ चुका है। हस्तांतरण प्रक्रिया के बाद, डिफेंस एस्टेट ऑफिस, भारतीय वायुसेना और L&DO के अधिकारियों की एक संयुक्त तकनीकी टीम पूरे क्षेत्र का सीमांकन और विस्तृत सर्वे करेगी। इस सर्वे के माध्यम से भूमि की वास्तविक सीमाओं और सटीक रकबे का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
भूमि अधिग्रहण अभियान
लुटियंस दिल्ली में सरकार का व्यापक भूमि अधिग्रहण अभियान, पहले भी वापस ली गईं संपत्तियां
केंद्र सरकार पिछले कुछ महीनों से राष्ट्रीय राजधानी के इस वीवीआईपी क्षेत्र में प्रमुख सरकारी भूखंडों को अपने नियंत्रण में लेने की मुहिम चला रही है। इससे पहले, सरकार ने दिल्ली रेस क्लब की 53 एकड़ भूमि और जयपुर पोलो ग्राउंड को अपने अधिकार में लिया था। इसके अलावा, दिल्ली जिमखाना क्लब जैसी अन्य ऐतिहासिक संपत्तियों के संबंध में भी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं चल रही हैं। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि लुटियंस दिल्ली की इन संपत्तियों का उपयोग सार्वजनिक उद्देश्यों, सुरक्षा तंत्र के आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए किया जाए। हालांकि, इस विशेष भूखंड के भविष्य के उपयोग के लिए कोई आधिकारिक मास्टर प्लान अभी तक जारी नहीं किया गया है।
वायुसेना की चिंताएं
वायुसेना प्रमुख ने रक्षा मंत्री को लिखा था पत्र, कर्मियों में असंतोष के बावजूद पूरी हुई प्रक्रिया
इस भूमि के हस्तांतरण से पहले वायुसेना मुख्यालय में गहरी चिंता व्यक्त की गई थी। तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने अक्टूबर में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एक पत्र लिखकर इस भूखंड को वायुसेना के पास बनाए रखने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि रेस कोर्स एयर फोर्स स्टेशन सीधे एयर हेडक्वार्टर को लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सहायता प्रदान करता है और यह स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स हजारों सेवारत और सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों की खेल और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ा है। खेल परिसर के बंद होने से कई पूर्व और वर्तमान अधिकारियों में असंतोष भी देखा गया, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए उच्च स्तरीय निर्णय के तहत भूमि सौंपने की प्रक्रिया को पूरा किया गया।