×

लुधियाना में फैक्ट्री हादसा: जहरीली गैस से तीन मजदूरों की मौत

पंजाब के लुधियाना में एक फैक्ट्री में जहरीली गैस के रिसाव से तीन श्रमिकों की मौत हो गई है। इस दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों को प्रभावित किया है। मृतकों में एक पिता और उसका बेटा शामिल हैं। घटना के समय फैक्ट्री में काम चल रहा था, जब अचानक गैस का रिसाव हुआ। कई श्रमिक बेहोश हो गए हैं और कुछ की हालत गंभीर है। परिवार ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
 

दर्दनाक हादसे ने तीन परिवारों को प्रभावित किया

लुधियाना, पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र में एक फैक्ट्री में हुए एक गंभीर हादसे ने तीन परिवारों को बुरी तरह प्रभावित किया है। पाना-चाबी निर्माण से संबंधित इस फैक्ट्री में अचानक जहरीली गैस का रिसाव हुआ, जिससे एक पिता और उसके बेटे सहित तीन श्रमिकों की दम घुटने से मृत्यु हो गई। कई अन्य श्रमिक बेहोश हो गए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।


गैस का रिसाव और श्रमिकों की स्थिति

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात की शिफ्ट में काम सामान्य रूप से चल रहा था, जब अचानक एक पाइपलाइन से गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते, जहरीली गैस पूरे कार्यस्थल में फैल गई। गैस का प्रभाव इतना तीव्र था कि कई श्रमिकों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। श्रमिकों ने आंखों में जलन, सांस लेने में कठिनाई और घुटन की शिकायत की। कुछ ही समय में, कई श्रमिक फैक्ट्री के अंदर बेहोश हो गए।


हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान

इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान मान सिंह, उनके बेटे अमित और श्री राम के रूप में हुई है। बताया गया है कि मान सिंह और अमित मशीनों के नीचे जमा मलबे को ट्रॉली में भरने का कार्य कर रहे थे, जब वे जहरीली गैस की चपेट में आ गए। अमित विवाहित था और उसकी एक डेढ़ वर्ष की बेटी है। इस दुखद घटना की खबर सुनकर परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।


परिवार की भावनाएं और आरोप

मृतक मान सिंह की बेटी रेनू ने भावुक होकर बताया कि उनके पिता और भाई रोज की तरह काम पर गए थे। परिवार ने लगातार फोन किया, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाया। जब परिवार फैक्ट्री पहुंचा, तो वहां केवल ट्रैक्टर खड़ा मिला। बाद में उन्हें बताया गया कि दोनों को अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनके पिता और भाई की मृत्यु हो चुकी है।


रेनू ने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने हादसे के बाद परिवार को कोई सूचना नहीं दी। परिवार को पूरी रात घटना की जानकारी नहीं दी गई।


परिजनों ने यह भी कहा कि जिन श्रमिकों का मूल काम कुछ और था, उनसे रात के समय मलबा उठवाया जा रहा था। उनका आरोप है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और हादसे के बाद भी प्रबंधन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी परिवार से मिलने नहीं आया।