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लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह बने भारतीय थलसेना के नए उपसेनाध्यक्ष

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह को भारतीय थलसेना का नया उपसेनाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लखनऊ के लामार्टीनियर कॉलेज और लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र, जनरल सिंह ने 35 वर्षों में कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत की सीमाओं पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। जानें उनके सैन्य करियर, उपलब्धियों और भविष्य की चुनौतियों के बारे में।
 

भारतीय थलसेना में नया नेतृत्व

लखनऊ। लखनऊ के लामार्टीनियर कॉलेज और लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह को भारतीय थलसेना का नया उपसेनाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने 1 अगस्त 2025 को अपना कार्यभार संभाला। वे लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि का स्थान लेंगे, जो वर्तमान में इस पद पर कार्यरत हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह भारतीय सेना की पैरा स्पेशल फोर्सेज (4 पैरा) से जुड़े हुए हैं और उन्होंने पिछले 35 वर्षों में ‘ऑपरेशन पवन’, ‘ऑपरेशन मेघदूत’, ‘ऑपरेशन रक्षक’ और ‘ऑपरेशन ऑर्चिड’ जैसे कई महत्वपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया है।

सैन्य सेवा का गौरवमयी सफर

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के तहत लेबनान और श्रीलंका में भी उत्कृष्ट सेवाएं दी हैं। उनकी वीरता और सेवा भावना के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और दो बार सेना पदक से सम्मानित किया गया है।

सामरिक कौशल का प्रदर्शन

अप्रैल 2022 से, लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ‘राइजिंग स्टार कॉर्प्स’ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) के रूप में कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षा, रणनीतिक संचालन और सेना की युद्धक तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।

सुरक्षा चुनौतियों का सामना

लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब भारत की सीमाओं पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियां और हाइब्रिड युद्ध की जटिलताएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी स्पेशल फोर्सेज में पृष्ठभूमि सेना को तेज, सटीक और प्रतिक्रियाशील बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।