लॉरेंस ऑफ पंजाब डॉक्यूसीरीज़ पर विवाद: परिवार और पुलिस का विरोध
लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित डॉक्यूसीरीज़ का विरोध
नई दिल्ली। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित डॉक्यूसीरीज़ 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' के खिलाफ विवाद बढ़ता जा रहा है। लॉरेंस के चचेरे भाई रमेश बिश्नोई ने इस सीरीज़ के रिलीज़ पर कड़ा एतराज जताते हुए इसे तुरंत बैन करने की मांग की है। रमेश ने आरोप लगाया कि निर्देशक राघव डार ने बिना परिवार और सरकार की अनुमति के इस सीरीज़ का निर्माण किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब एक पवित्र भूमि है और इस सीरीज़ के निर्माण की अनुमति किसने दी? न तो परिवार से अनुमति ली गई और न ही सरकार से। मामला अभी कोर्ट में है, इसलिए हम इसका विरोध करते हैं और इसे बैन किया जाना चाहिए।
इस बीच, पंजाब पुलिस ने भी इस डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ गंभीर आपत्ति जताई है। पुलिस ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर 27 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली इस सीरीज़ पर रोक लगाने की मांग की है। पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम शाखा की स्पेशल डीजीपी वी नीरजा द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह सीरीज़ लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उसके आपराधिक सफर को दर्शाती है, जिसमें पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों का भी जिक्र है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की सामग्री संगठित अपराध को बढ़ावा दे सकती है और युवाओं को गलत दिशा में प्रभावित कर सकती है, जिससे कानून-व्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। वहीं, सीरीज़ के निर्माताओं का कहना है कि 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं है, बल्कि यह समाज, संस्कृति और सिस्टम के उस पहलू को उजागर करती है, जहां महत्वाकांक्षा, ताकत और पहचान मिलकर एक नए तरह के अपराध तंत्र को जन्म देती हैं।