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लोकसभा में पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी का विवादित बयान

लोकसभा में पेपर लीक से संबंधित बिल पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रोफेसर वी. कामकोटी का नाम लेते हुए विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने उन्हें गौमूत्र विशेषज्ञ कहकर संबोधित किया, जिस पर बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। जानें प्रो. कामकोटी के बारे में और इस विवाद के पीछे की कहानी।
 

लोकसभा में बवाल

मंगलवार को लोकसभा में पेपर लीक से संबंधित बिल पर चर्चा के दौरान, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी का नाम लेते हुए विवाद खड़ा कर दिया। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी, क्योंकि उन्होंने प्रोफेसर को गौमूत्र विशेषज्ञ कहकर संबोधित किया। बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई।


प्रियंका गांधी का बयान

लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार हर समस्या के समाधान के लिए नई समितियां बनाती है, जबकि पहले की समितियों की सिफारिशें लागू नहीं की जातीं। उन्होंने यह भी कहा कि नई समिति में एक पूर्व आईबी प्रमुख, एक आईटी कंपनी के मालिक और एक गौमूत्र विशेषज्ञ शामिल हैं। इस पर अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रियंका ने एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक का अपमान किया है।


कौन हैं प्रो. वी. कामकोटी?

प्रोफेसर वीझीनाथन कामकोटी, जो आईआईटी मद्रास के निदेशक हैं, देश के प्रमुख कंप्यूटर वैज्ञानिकों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग और उच्च शिक्षा आईआईटी मद्रास से प्राप्त की और कंप्यूटर साइंस में M.S. और PhD की डिग्री हासिल की। उनके नाम 150 से अधिक शोध पत्र और कई तकनीकी परियोजनाएं हैं।


प्रो. कामकोटी की भूमिका

प्रो. कामकोटी आईआईटी मद्रास में माइक्रोप्रोसेसर डेवलपमेंट प्रोग्राम और सूचना सुरक्षा शिक्षा कार्यक्रम के प्रमुख हैं। इसके अलावा, वे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के सदस्य भी हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टास्क फोर्स की अध्यक्षता कर चुके हैं।


परीक्षा सुधार समिति में शामिल

हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उच्च स्तरीय परीक्षा सुधार टास्क फोर्स का गठन किया, जिसमें प्रो. कामकोटी को उनकी तकनीकी विशेषज्ञता के आधार पर सदस्य बनाया गया है। इस समिति का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।


गौमूत्र विवाद

प्रो. कामकोटी पहले भी चर्चा में रहे हैं जब उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में गौमूत्र के औषधीय गुणों का उल्लेख किया था। उनके इस बयान पर वैज्ञानिक समुदाय में बहस छिड़ गई थी। प्रियंका गांधी के हालिया बयान के बाद, एक बार फिर से प्रो. कामकोटी का नाम चर्चा में आ गया है।