लोकसभा में हंगामे के कारण प्रश्नकाल स्थगित, अध्यक्ष ने जताई चिंता
लोकसभा में प्रश्नकाल की स्थिति
गुरुवार को लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के चलते प्रश्नकाल का संचालन नहीं हो सका, जिसके कारण अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत करते हुए अध्यक्ष ने हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराए जाने की 81वीं वर्षगांठ पर मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इसके बाद सदन ने दो मिनट का मौन रखकर उन निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जैसे ही अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की, विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में अनियमितता और छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग की। हंगामे के कारण प्रश्नकाल का संचालन नहीं हो सका और कोई सदस्य अपना प्रश्न नहीं पूछ सका।
अध्यक्ष बिरला ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांति बनाए रखने और अपने स्थान पर बैठने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल सदन का महत्वपूर्ण समय है और जनता अपने प्रतिनिधियों के सवालों और सरकार के जवाबों को सुनना चाहती है।
उन्होंने कहा, "मैं आपसे निवेदन करता हूं कि संसद में प्रश्नकाल चलने दें। संसद को कार्यशील रहना चाहिए और संवाद जारी रहना चाहिए, लेकिन आप सुनियोजित तरीके से रोज हंगामा करते हैं और संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। आपका आचरण उचित नहीं है। देश आपको देख रहा है। आपकी हर बात पर चर्चा की जाएगी और इसके लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।"
अध्यक्ष की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्यों ने हंगामा जारी रखा, जिसके बाद उन्होंने सदन की बैठक को पांच मिनट के भीतर ही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दिया।