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वंदे मातरम को मिलेगा राष्ट्रीय गान का दर्जा, सरकार ने लाया नया प्रस्ताव

सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान 'जन-गण-मन' के समान दर्जा देने का प्रस्ताव पेश किया है। इस बदलाव के बाद, वंदे मातरम का अपमान करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जानें इस प्रस्ताव के तहत क्या-क्या बदलाव होंगे और वर्तमान कानून में क्या प्रावधान हैं।
 

नई दिल्ली में वंदे मातरम की नई पहल


नई दिल्ली: वंदे मातरम एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है। इस बार यह चर्चा सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए नए प्रस्ताव के कारण है। सरकार ने वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान 'जन-गण-मन' के समान दर्जा देने का प्रस्ताव रखा है। इस निर्णय के बाद, यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय गीत का अपमान करता है या उसमें बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है, और कुछ मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है।


सरकार के प्रस्ताव में क्या शामिल है?

सरकार ने 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम' में संशोधन के लिए हरी झंडी दे दी है। इस संशोधन के लागू होने के बाद, वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान के साथ इस कानून में शामिल किया जाएगा। इसका अर्थ यह है कि जो नियम और सम्मान अब तक राष्ट्रीय गान पर लागू होते थे, वही वंदे मातरम पर भी लागू होंगे।


वर्तमान कानून की जानकारी

यह जानना महत्वपूर्ण है कि 1971 का कानून पहले से ही राष्ट्रीय ध्वज 'तिरंगा', संविधान और राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' को विशेष सुरक्षा प्रदान करता है। इस अधिनियम के तहत, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गान गाने से रोकता है या उसके गायन में बाधा डालता है, तो उसे तीन साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति दोबारा ऐसा अपराध करता है, तो उसे और भी कठोर सजा का सामना करना पड़ सकता है।


वंदे मातरम को शामिल करने का प्रभाव

यदि वंदे मातरम को आधिकारिक रूप से इस अधिनियम में जोड़ा जाता है, तो उस पर भी वही नियम लागू होंगे। इसके गायन के दौरान जानबूझकर किया गया अपमान, बाधा या अनादर कानून के तहत दंडनीय अपराध बन जाएगा।